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महाकुंभ के बीच CM ममता ने गंगासागर मेले पर फेंका सियासी पासा, मोदी सरकार से राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने की मांग की

महाकुंभ के बीच CM ममता ने गंगासागर मेले पर फेंका सियासी पासा, मोदी सरकार से राष्ट्रीय मेला का दर्जा देने की मांग की

Mamata Banerjee On Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हो रहा है। महाकुंभ के बीच पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने गंगासागर मेले (Gangasagar Mela) पर सियासी पासा फेंकते हुए केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने दावा किया कि गंगासागर मेला कुंभ मेले से भी बड़ा है। ऐसे में केंद्र सरकार को इसे राष्ट्रीय मेले का दर्जा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वो काफी लंबे समय से गंगासागर को राष्ट्रीय मेला बनाने की मांग कर रही हैं, लेकिन अभी तक केंद्र ने दर्जा नहीं दिया है।

बनर्जी ने गा नदी (हुगली) के तट पर मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा कि हम पिछले 10 साल से गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिलाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कुंभ मेले से कम नहीं बल्कि उससे भी बड़ा है।

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ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार कुंभ मेले के आयोजन के लिए हजारों करोड़ रुपए मुहैया कराती है। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार को मकर संक्रांति के मौके पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर कपिल मुनि मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक गंगासागर मेले के लिए सभी प्रावधान करने होते हैं।

सीएम ने कहा कि अगर कठिनाई के हिसाब से देखें तो भी गंगासागर मेला कुंभ मेले से ज्यादा कठिन है। क्योंकि कुंभ मेले में लोग बस, ट्रेन और कार से जा सकते हैं, लेकिन गंगासागर मेला जाने के लिए रास्ता बहुत कठिन है।

उन्होंने कहा कि जब 2011 में TMC सत्ता में आई थी तो तीर्थयात्रा टैक्स वसूला जाता था। हमारे आने के बाद इसे बंद कर दिया गया और मेले का खर्च राज्य सरकार ने उठाया। सीएम ने कहा कि सरकार ने यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बायो टॉयलेट, आवास सभी तरह की व्यवस्था की।

केंद्र सरकार का पुल बनाने का वादा भी अधूरा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने मुरीगंगा नदी पर पुल बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने ऐलान किया कि पश्चिम बंगाल सरकार इस पुल का निर्माण अपने खर्चे पर करेगी ताकि लोगों को राहत मिले।

गंगासागर के लिए महंत को सुझाव
गंगासागर मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने वहां के महंत से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश में दान भेजते हैं, जो ठीक है, लेकिन गंगासागर में भी कुछ पैसा खर्च करें। उन्होंने सुझाव दिया कि गंगासागर के विकास और कटाव रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाएं। ममता ने कहा कि यदि दान का कुछ हिस्सा गंगासागर को संरक्षित करने में खर्च किया जाए, तो यह क्षेत्रीय विकास में मददगार साबित होगा।

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