रायपुर :- गुरु पूर्णिमा’ हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जिसे हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। शास्त्रों के मुताबिक इस तिथि पर महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गुरुजनों की उपासना और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का विधान है। इसी उपलक्ष्य में रायपुर ब्राइट फाउंडेशन ने आज बुढ़ापारा शासकीय प्राथमिक शाला , सप्रे पूर्व माध्यमिक शाला तथा सौ कुसुम ताई दाबके पाठशाला के सभी गुरुजनों को सम्मानित किया गया । इस अवसर पर अंजली शितूत , अनघा करकशे , सुषमा ध्रुव , मांडवी कौशिक , शेखर राव साहेब अमीन , मंजू पटेल , सहित शिरोमणि चंद्राकर सर , घासीलाल दीवान सर , ऊषा बाघमारे , जितेंद्र सेन एवं समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रदीप गोविंद शितूत ने कहा कि हम सभी के जीवन में गुरु का विशेष स्थान होता है। इन्हीं के जरिए व्यक्ति जीवन जीने की कला और लक्ष्यों को पूरा करने का मार्गदर्शन पाता है। इसके अलावा गुरुजनों की सहायता से समय की अहमियत और कठिन समय की पीड़ा समझ आती हैं। यही नहीं गुरु ही सदैव हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इसलिए उनके प्रति प्रेम, लगाव और सम्मान व्यक्त करने के लिए आज का दिन यानी गुरु पूर्णिमा का पर्व बेहद खास है। इस अवसर पर किशोर तारे ने दाबके पाठशाला के पिछले शैक्षणिक सत्र में सभी कक्षाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया ।
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