जशपुरनगर :- प्रकृति की मनमोहक ध्वनियाँ, अपने बच्चों और परिवारजनों की मधुर आवाजें जीवन को सुखद, जीवंत और आनंद से परिपूर्ण बना देती हैं।लेकिन जब सुनने की शक्ति छिन जाती है तब जीवन का ये संगीत जैसे थम सा जाता है। ऐसा ही कुछ बीता विकासखंड दुलदुला के ग्राम बोईडांड के रहने वाले बुजुर्ग रामकिशुन राम और जुगनी बाई के साथ।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती गई, दोनों की श्रवण क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होती चली गई। रामकिशुन राम ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें दोनों कानों से स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे रहा है। इस वजह से उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस समस्या से निजात पाने हेतु श्रवण यंत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
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इसी प्रकार जुगनी बाई ने भी कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी व्यथा व्यक्त की। उन्होंने बताया कि उन्हें भी दोनों कानों से सुनाई नहीं दे रहा है। उन्होंने निवेदन किया कि उन्हें श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस समस्या से राहत पा सकें और सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उनके आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की और उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। अब रामकिशुन राम और जुगनी बाई फिर से सुन सकते हैं हर वो ध्वनि, अपने बच्चों, परिवारजनों की आवाज जो उनके जीवन को उमंग और आनंद से भर सकती है।
श्रवण यंत्र पाकर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और कैंप कार्यालय का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा मेरी समस्या का इतने जल्दी समाधान हो जाएगा यह सोचा नहीं था। आज मेरे जीवन में फिर से उजाला लौट आया है। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके, इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
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