नेशनल डेस्क :- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा संदेश दिया है। सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के फ्रंटियर मुख्यालय में आयोजित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन समारोह में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “जब तक देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो सीमावर्ती राज्य सुरक्षित रह सकते हैं और न ही भारत सुरक्षित रह सकता है।”
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गृह मंत्री ने सीमा पर फेंसिंग (बाड़ लगाने) और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
सीमा पर बाड़बंदी (Fencing):- अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (विशेष रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा) पर घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए फेंसिंग को पूरा करना देश की प्राथमिकता है।
जमीन की उपलब्धता:- गृह मंत्री ने उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से ही सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी, जो सुरक्षा बलों (BSF और SSB) के सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बेहद जरूरी है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Chicken’s Neck):- पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने वाले इस संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र बिंदु बताया।
सुरक्षा बलों का सम्मान और राजनीति से परे दृष्टिकोण
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) किसी भी तरह से राजनीतिक संगठन नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र की अखंडता के संरक्षक हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक एवं प्रशासनिक निकायों से आह्वान किया कि वे देश की सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं और सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों में बिना किसी पूर्वाग्रह के पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
गृह मंत्री के इस वक्तव्य से यह संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत सरकार अपनी सीमाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी। सीमाओं को अवैध घुसपैठ, घुसपैठियों और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से मुक्त रखना ही भारत की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय अखंडता की सबसे मजबूत नींव है।
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