नेशनल डेस्क :- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नए परिसर को अब सेवा तीर्थ के नाम से जाना जाएगा. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बन रहे परिसर का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है. इसे पहले एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के रूप में जाना जाता था.
राजभवन का भी नाम बदला
राज्यों के राज्यपालों के आधिकारिक आवास राजभवन का भी नाम भी बदलकर ‘लोक भवन’ रखा जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन के क्षेत्रों को कर्तव्य और पारदर्शिता को प्रतिबिंबित करने के लिए नया रूप दिया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘हर नाम, हर इमारत और हर प्रतीक अब एक सरल विचार की ओर इशारा करते हैं- सरकार सेवा के लिए है.
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मोदी सरकार ने हाल ही में राजपथ को बदलकर कर्त्तव्य पथ किया था
सरकार ने हाल ही में राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक वृक्षों से घिरे मार्ग के पूर्ववर्ती नाम राजपथ को बदलकर कर्त्तव्य पथ किया था.
प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का भी नाम बदला गया था
प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास का नाम 2016 में बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था. अधिकारियों के मुताबिक यह नाम कल्याण का बोध कराता है, न कि विशिष्टता का, तथा यह प्रत्येक निर्वाचित सरकार के भविष्य के कार्यों की याद दिलाता है.
केन्द्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन
केन्द्रीय सचिवालय का नाम कर्तव्य भवन है, जो एक विशाल प्रशासनिक केंद्र है, जिसका निर्माण इस विचार के इर्द-गिर्द किया गया है कि सार्वजनिक सेवा एक प्रतिबद्धता है.
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