रायपुर। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा आरंभ की गई लॉटरी प्रक्रिया का पहला चरण मंगलवार को संपन्न हो गया। कुल 33 जिलों में आयोजित इस प्रक्रिया में 9194 पात्र आवेदनों में से 6583 बच्चों का चयन हुआ है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा रायपुर में आयोजित दो दिवसीय कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के जरिए कुल 1113 निजी स्कूलों की 7953 आरक्षित सीटों के लिए चयन किया गया। सोमवार को पहले दिन 23 जिलों की लॉटरी निकाली गई थी, जबकि मंगलवार को शेष 10 जिलों की प्रक्रिया पूरी की गई।
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राज्य में 52,000 से अधिक सीटें, अब तक 1 लाख से ज़्यादा आवेदन
इस वर्ष आरटीई के अंतर्गत राज्य के 6628 निजी स्कूलों में कुल 52,007 सीटें आरक्षित हैं। अब तक 1,05,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पहले चरण में दस्तावेज सत्यापन के बाद 6583 छात्रों को पात्र मानते हुए उन्हें लॉटरी के माध्यम से स्कूल आवंटित किया गया।
लोक शिक्षण संचालनालय ने यह सुनिश्चित किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और डिजिटल माध्यम से संचालित हो, जिससे गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
दूसरे चरण की पूरी शेड्यूल
इच्छुक पालक 20 जून से 30 जून 2025 तक आरटीई पोर्टल के माध्यम से नए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 1 जुलाई से 8 जुलाई के बीच दस्तावेजों की जांच की जाएगी। योग्य आवेदकों के लिए लॉटरी प्रक्रिया 14 और 15 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसके बाद चयनित छात्रों का स्कूलों में दाख़िला 18 जुलाई से 31 जुलाई तक किया जाएगा।
बता दें कि आरटीई के तहत प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की जाती हैं। इन सीटों पर प्रवेश लेने वाले छात्रों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार उठाती है।
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