रायपुर :- डॉ. मोनिका शर्मा ने संयुक्त राष्ट्र में दो दशकों से अधिक समय तक नेतृत्व और क्षमता विकास निदेशक के रूप में कार्य किया। उन्होंने विश्वभर में स्थायी और समतापूर्ण विकास के लिए अनेक कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई और उन्हें लागू किया। उनके कार्य ने स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, शासन और सामाजिक रूपांतरण जैसे क्षेत्रों में ऐसे अनेक लीडर को तैयार किया जो सार्वभौमिक मूल्यों से प्रेरित होकर ठोस नतीजे उत्पन्न कर रहे हैं।
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इस पुस्तक के मूल अंग्रेज़ी संस्करण रैडिकल ट्रांसफ़ॉर्मेशनल लीडरशिप को 2017 में नॉटिलस गोल्ड अवॉर्ड फॉर सोशल चेंज एंड बिज़नेस लीडरशिप से सम्मानित किया गया है। यह आज भी दुनिया भर में व्यक्तियों और संस्थाओं को समता, साहस और समावेशन की भावना से नेतृत्व करने के लिए प्रेरित कर रही है। भारत में अधिकांश लोग हिंदी भाषी हैं। ऐसे में, सार्वभौमिक मूल्यों के आधार पर समस्याओं का समाधान करते हुए समावेशी प्रणालियों का निर्माण करने वाले इस ढाँचे को अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए हिंदी अनुवाद की आवश्यकता महसूस हुई। इसका उद्देश्य है कि व्यक्ति और समुदाय गहन अखंडता, आत्म-जागरूकता और उद्देश्यपूर्णता के साथ परिवर्तनकारी नेतृत्व कर सकें।
इसके लिए भूपेंद्र मिश्रा , प्रीतम सिंह , सुदर्शन रॉड्रिग्स , ग्लासिका वर्मा और चित्रा लक्ष्मण के अथक प्रयासों से हिंदी संस्करण आज सबके लिए उपलब्ध हो सका है। आर टी एल वर्क्स द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पुस्तक का विमोचन रायपुर के वृंदावन हाल में मुख्य अतिथियों प्रदीप गोविंद शितूत अध्यक्ष रायपुर ब्राइट फाउंडेशन, रोटरी मैत्री ट्रस्ट, बाल समाज , रजत चौधरी कार्यक्रम प्रबंधक राजमेरु संस्था , खुशबू राय गांधी फेलो – पिरामल फाउंडेशन और प्रीतम सिंह कार्यकारी प्रमुख ग्राममंगल संस्था सभी ने अपने नेतृत्व की खोज की यात्राएँ साझा कीं और सभी को चाहे वे किसी भी पेशे या पृष्ठभूमि से हों, अपने पूर्ण क्षमता की खोज करने का आमंत्रण दिया। आगामी महीनों में जयपुर, उदयपुर और मुंबई में भी इस पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि समावेशी और जागरूक नेतृत्व का यह संदेश और लोगों तक पहुँचे।
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