Home अन्य प्रदेशउत्तरप्रदेश Serial killer जो खोपड़ी उबालकर सूप पीता था

Serial killer जो खोपड़ी उबालकर सूप पीता था

by News Desk

इलहाबाद:-दरिंदगी की सारी हदों को पार करने वाला एक ऐसा शख्स जिसकी खौफनाक करतूतों को जानकर आपका भी दिमाग दहशत के अंधेरे में गुम हो जाए
एक ऐसा आदमखोर जिसकी करतूतें किसी शैतान से कम नहीं थी एक ऐसा ही नाम है, सीरियल किलर राजा कलंदर का।
दरिंदगी की सारी हदों को पार करते हुए जो दिल दहला देने वाले वारदातों को अंजाम देते हैं, जुर्म की दुनिया के नामों में से 1 नाम सीरियल किलर राजा कोलंदर का है।
इन दिनों उसका नाम चर्चा में इसलिए है क्योंकि उसकी करतूतों को उजागर करती एक सीरीज हाल ही में रिलीज हुई है जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

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14 दिसंबर सन 2000 इलाहाबाद उत्तर प्रदेश
इलाहाबाद के शंकरगढ़ कस्बे में रहने वाले पत्रकार धीरेंद्र सिंह दैनिक समाचार पत्र आज में काम करते थे। उन्होंने अपने काम से अपनी अलग पहचान बनाई थी। उस दिन वह भी अपने काम पर जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन फिर कभी लौट कर नहीं आए। उनके परिजनों ने उन्हें सभी जगह तलाश किया, लेकिन धीरेंद्र सिंह का पता नहीं चला। मामला पुलिस तक जा पहुंचा, और पुलिस ने बिना देरी किए थाना कीडगंज में पत्रकार की गुमशुदगी दर्ज कर ली और धीरेंद्र की तलाश शुरू कर दी लेकिन पुलिस को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह तलाश इतनी लंबी होने वाली है

रामनिरंजन कोल की गिरफ्तारी
पुलिस ने परिवार से भी पूछताछ की कि धीरेंद्र की किसी से कोई रंजिश या दुश्मनी तो नहीं थी तो परिजनों ने सीधे तो किसी पर आरोप नहीं लगाया मगर इस बीच धीरेंद्र के घरवालों ने पुरानी रंजिश के चलते रामनिरंजन कॉल का नाम के एक शख्स पर शक होने की बात कही। इसी शक की बिनाह पर पुलिस ने पत्रकार धीरेंद्र के गुम हो जाने के करीब एक हफ्ते बाद रामनिरंजन कॉल और उसके साले वक्षराज को गिरफ्तार कर लिया था।

कौन है रामनिरंजन कोल
रामनिरंजन कॉल का नाम ही राजा कलंदर है वह शंकरगढ़ इलाके का रहने वाला है 90 के दौर में राजा कलंदर नैनी में मौजूद सीओडी छिवकी में कर्मचारी था।
उसकी पत्नी फूलन देवी उन दिनों इलाहाबाद जिला पंचायत की सदस्य थी। राजा कलंदर ने 90 के दशक में ही जुर्म की राह पकड़ ली थी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक साल 1998 में थाना धूमनगंज क्षेत्र के मुंडेरा मोहल्ले में टीवी वीसीआर किराए पर चलाने वाले एक युवक का मर्डर हुआ था। जिसमें रामनिरंजन उर्फ राजा कलंदर का नाम आया था इसके बाद वह फरार हो गया था साल 2000 में भी उसने ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दिया और पुलिस का सिरदर्द बन गया अपनी काली करतूतों से उसने इलाके में दहशत पैदा कर दी थी।

जुर्म की दुनिया में रामनिरंजन कोल का नाम बड़ा होता जा रहा था वह आदिवासी कॉल समाज से आता है इसलिए लिहाजा उसका रौब और दहशत देखकर उसकी जाति बिरादरी के लोग उसे कोल जाति का राजा मानने लगे तभी उसका नाम राम निरंजन कॉल की बजाय राजा को लंदन हो गया पुलिस की फाइल हो या आम लोग सभी उसे राजा कलंदर के नाम से जाने लगे थे धीरे-धीरे उसका यही नाम जुर्म की दुनिया में भी आम हो गया कम ही लोग उसके असली नाम से वाकिफ थे।

कैसे खुला पत्रकार धीरेंद्र सिंह की हत्या का राज
मोतिया रहने के लिए पत्रकार धीरेंद्र को गुमशुदा हुए करीब 8 दिन बीत चुके थे उनके परिवार वाले पुलिस के सामने किसी अनहोनी की आशंका पहले ही जता चुके थे अब राजा को लंदन पुलिस की गिरफ्त में था पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की पुलिस को बुलाता रहा लेकिन बाद में उसने पुलिस के सामने जो कहानी बयां की उसे सुनकर पुलिस वाले भी खौफजदा हो गए हकीकत यह थी कि 14 दिसंबर सन 2000 को ही पत्रकार धीरेंद्र सिंह का कत्ल हो चुका था।

पत्रकार धीरेंद्र सिंह के कत्ल की वजह
अप पुलिस के सामने वह राज खुलने जा रहा था जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी रामनिरंजन कॉल उर्फ राजा कॉल अंदर के बयान दर्ज किए जा रहे थे वह बोलता जा रहा था पुलिस वाले खामोशी से सुंदर जा रहे थे इस कत्ल की पटकथा 1998 में ही लिखी गई थी जब एक मामले में पत्रकार धीरेंद्र सिंह के भाई ने राजा कोलंदर को नामजद करते हुए एफ आई आर दर्ज कराई थी, तभी से राजा को लंदन धीरेंद्र सिंह के परिवार से दुश्मनी रखने लगा था उसे पता था कि पत्रकार होने के नाते धीरेंद्र की पुलिस में खासी इज्जत थी उसके खिलाफ दर्ज हुए मामले में भी उसका हाथ था लिहाजा वह उससे रंजिश में बदला लेना चाहता था कुछ जानकारों के मुताबिक पत्रकार धीरेंद्र सिंह को राजा कलंदर की कुछ काली करतूतों के बारे में पता चल गया था इस वजह से भी वह धीरेंद्र को अपना दुश्मन मानता था।

गोली मारकर किया था धीरेंद्र का मर्डर और फिर कर दिए लाश के टुकड़े
राजा कोलंदर ने पुलिस को बताया की वारदात के दिन उसने पत्रकार धीरेंद्र सिंह को विश्वास में लेकर अपनी पिपरी फार्म हाउस पर बुलाया और पीठ पर गोली मारकर धोखे से उसकी हत्या कर दी। लाश को ठिकाने लगाने के लिए उन्होंने लाश के कई टुकड़े कर दिए और उसे मध्यप्रदेश की सीमा में दाखिल होकर सिर धड़ से अलग कर अलग अलग जगहों पर फेंक दिए।
फ्लैश ठिकाने लगाने के बाद राजा कलंदर ने उसके सभी सामान अलग-अलग लोगों में आपस में बांट लिए।
अब पुलिस को वह हथियार और सबूत इकट्ठे करने थे।

पुलिस ने जब राजा कोलंदर के घर जाकर जांच शुरू की तभी राजा कोलंदर की डायरी उनके हाथ लगी। जिसे पढ़कर उनके भी होश उड़ गए। उस डायरी में कत्ल और दरिंदगी की ऐसी दास्तान लिखी थी कि  कोई यकीन नहीं कर पा रहा था कि जिसे लोग आम मुजरिम समझ रहे थे वह दरअसल एक वहशी आदमखोर दरिंदा था।

खोपड़ी से भेजा निकालकर बनाता था सूप
धीरेंद्र सिंह हत्याकांड की जांच में जुटी थाना कीडगंज पुलिस को डायरी से एक नहीं बल्कि कई लोगों की कत्ल की कहानी मिली जो साबित कर रही थी कि राजा कोलंदर कितना बड़ा आदमखोर और खूनी है।

अब पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया था अब यह मामला केवल एक पत्रकार के कत्ल का नहीं बल्कि पुलिस के सामने की सीरियल किलर का था जो लोगों का खून करके, उनके जिस्म एक टुकड़े टुकड़े कर, मरने वाले की खोपड़ी से भेजा या जिस्म से दूसरे अंग निकाल कर उसे उबाल ता था और सूप बना कर पी जाता था।
खूनी का मानना था कि इस सूप से उसका दिमाग तेज होगा और अपार शक्ति मिलेगी ।
पुलिस को राजा कोलंदर की निशानदेही पर, अपनी आगे की जांच में पता चला की आदमखोर राजा कोलंदर ने कुल मिलाकर 14 लोगों का कत्ल किया। बस जरा जरा सी बात पर लोगों का खून कर देता था फिर उनकी खोपड़ी से भेजा निकाल कर उबाल था और सूप बना कर पी जाता था।

उम्र कैद की सजा
जुर्म साबित होने के बाद आदमखोर अब पुलिस की हिरासत में था। जहां इस मामले की सुनवाई करीब 11 साल तक चलती रही 1 दिसंबर 2012 को इलाहाबाद के अपर सत्र न्यायाधीश मेहताब अहमद ने रामनिरंजन कॉल उर्फ राजा कलंदर और उसके साले वक्षराज को मुलजिम करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और साथ ही साथ 10 ₹10000 का जुर्माना भी लगाया गया तभी से आदमखोर वहशी दरिंदा राजा कोलंदर जेल में सजा काट रहा है।

सीरियल किलर की डायरी
जुर्म की दुनिया में सीरियल किलर राजा कोलंदर का नाम हमेशा उसके वहशी पर और दरिंदगी के लिए याद रखा जाएगा। और याद रखी जाएगी उसकी वह डायरी जिसने इस खूनी दरिंदे के गुनाहों का एक एक लम्हा कानून के सामने उजागर कर दिया उस डायरी में दास्तान ए गुनाह इस कातिल ने खुद लिखी थी, जो अब जेल की कोठरी में अपने दिन गिन रहा है।

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