Site icon unique 24 news

उज्ज्वला योजना के सिर्फ 4 सिलेंडर पर मिलेगी सब्सिडी, लाभार्थियों को झटका

नई दिल्ली :- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों को बड़ा झटका देते हुए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में भारी कटौती कर दी है। सरकार के नए फैसले के बाद अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में केवल 4 रिफिल पर ही 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलेगी। इस फैसले से पहले लाभार्थियों को 9 सिलेंडरों पर सब्सिडी का लाभ मिल रहा था। ऐसे में अब गरीब परिवारों को सालाना मिलने वाली आर्थिक मदद में सीधा असर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें…. नक्सल मोर्चे पर तैनात CG के 2 जवानों को राष्ट्रपति भवन में मिला वीरता सम्मान – unique 24 news

पहले 12, फिर 9 और अब सिर्फ 4 सिलेंडर

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में मोदी सरकार ने गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। शुरुआत में लाभार्थियों को सालाना 12 रियायती सिलेंडर दिए जाते थे। बाद में यह संख्या घटाकर 9 कर दी गई और अब इसे घटाकर केवल 4 सिलेंडर कर दिया गया है।

कितना मिलेगा फायदा?

सरकार अब पहले चार रिफिल पर प्रति सिलेंडर 300 रुपये की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सब्सिडी देगी। यानि अब लाभार्थियों को सालभर में अधिकतम-

4 सिलेंडर × ₹300 = ₹1200 की सहायता मिलेगी। पहले 9 सिलेंडरों पर सब्सिडी के जरिए- 9 सिलेंडर × ₹300 = ₹2700 तक की राहत मिलती थी। इस तरह नए फैसले के बाद लाभार्थियों की सालाना सहायता में करीब ₹1500 की कमी हो जाएगी।

LPG सिलेंडर की कीमत कितनी?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आम ग्राहकों के लिए 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹942 का है। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को पहले चार सिलेंडर ₹642 में मिलेंगे। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

सरकार ने क्यों लिया फैसला?

सरकार ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती एलपीजी कीमतों और मिडिल ईस्ट संकट का हवाला देते हुए इस फैसले का बचाव किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनियां हर घरेलू सिलेंडर पर करीब ₹700 तक का घाटा उठा रही हैं। ऐसे में सब्सिडी को औसत घरेलू खपत के हिसाब से सीमित किया गया है।

10.5 करोड़ परिवारों को मिला फायदा

सरकार के अनुसार, उज्ज्वला योजना के तहत अब तक 10.5 करोड़ से ज्यादा मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं। योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। सरकार ने मई 2022 में ₹200 प्रति सिलेंडर सब्सिडी शुरू की थी, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर ₹300 कर दिया गया था।

क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटने से गरीब और ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि सहायता पूरी तरह बंद नहीं की गई है और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलती रहेगी।

देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए

हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

Unique 24 Bharat – YouTube

Exit mobile version