Home छत्तीसगढ़ ऑनलाइन सट्‌टे के मामले में चौंकाने वाला खुलासा…

ऑनलाइन सट्‌टे के मामले में चौंकाने वाला खुलासा…

by Wev Desk
ऑनलाइन सट्‌टे के मामले में चौंकाने वाला खुलासा…

मोहन नगर थाना अंतर्गत पुष्पक नगर में पिछले दिनों ऑनलाइन सट्टे के मामले में हुई तीन गिरफ्तारियों के बाद हो रहे खुलासे चौंकाने वाले हैं। ऑनलाइन सट्टे का ये पूरा बिजनेस महादेव बुक के नाम से 5 राज्यों में संचालित है। पुलिस महादेव बुक एप की जांच कर रही है।

दुबई और पाकिस्तानी कनेक्शन तक का खुलासा हो चुका है। हफ्ते में करीब 100 करोड़ का कारोबार हो रहा है। 5 राज्यों में करीब 20 हजार बैंक खातों के जरिए यह फ्रॉड का खेल फलफूल रहा है।सोमवार को हफ्ते का पूरा हिसाब-किताब होता है। खास बात यह है कि अधिकांश बैंक खाते फर्जी कंपनी व व्यक्ति के नाम पर खोले गए हैं। इतना ही नहीं, करीब 9 हजार ऑनलाइन वॉलेट का भी उपयोग हो रहा। इसमें से करीब 15 सौ खाते छत्तीसगढ़ में हैं। सामान्य दिनों में 25 से 30 करोड़ तक का कारोबार होता है।

आईपीएल के दौरान यह कारोबार और बढ़ा है। दुर्ग एएसपी सिटी संजय ध्रुव ने बताया कि जब्त बैंक अकाउंट की डिटेल खंगाली जा रही है। अब तक इनके 31 बैंक अकाउंट का पता चला है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

मोहन नगर पुलिस ने पुष्पक नगर से जिस आलोक को पकड़ा, उसके पास से जब्त अकाउंट की डिटेल खंगाली गई। इससे पता चला है कि 29 खाते एक ही निजी बैंक में खोले गए। जबकि 2 अकाउंट राजनांदगांव के मिले हैं। सभी खाते आलोक के परिजन, रिश्तेदार और परिचितों के नाम से खोले गए।

दो महीनों में 10 लाख रुपए के लेनदेन इन खातों से हुए हैं। राजनांदगांव और कैम्प इलाके का कपड़ा व्यापारी के साथ पानी का बिजनेस करने वाले तीन व्यापारी हवाला के जरिए पैसा मुंबई, गुजरात, एमपी और आंध्रप्रदेश तक पहुंचा रहे हैं।

छग में 31 बैंक अकाउंट की डिटेल मिल चुकी, जांच जारी
जब्त बैंक अकाउंट की डिटेल खंगाली जा रही है। अब तक इनके 31 बैंक अकाउंट का पता चला है। इन खातों में 10 लाख का ट्रांजेक्शन मिला है। सट्टे का काम कई राज्यों में संचालित हो रहा है। पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। कुछ लोगों के दुबई में होने का पता चला है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

संजय ध्रुव, एएसपी सिटी दुर्गमल्टीलेयर में बैंक अकाउंट से होता है अन्य खातों में ट्रांजेक्शन

ऑनलाइन सट्टा के पैसों के लेनदेन के लिए मल्टीलेयर बैंक अकाउंट का उपयोग किया जा रहा है। एक खाते से दूसरे और फिर तीसरे अकाउंट में पैसा डिपॉजिट किया जाता है। पूरा ट्रांजेक्शन ऑनलाइन किया जाता है। ठीक इसी तरह ऑनलाइन वॉलेट में भी होता है। पूरा ट्रांजेक्शन इतने सिस्टमेटिक तरीके से किया जाता है कि पता लगाना बहुत कठिन होता है। पुलिस के मुताबिक मल्टीलेवल ट्रांजेक्शन का पता मोहन नगर में जब्त खातों से हुआ है।

5 राज्यों में 20 हजार अकाउंट और 9 हजार ऑनलाइन वॉलेट

सट्‌टा का यह व्यापार छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, मप्र, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। मप्र में कुछ बैंक अकाउंट गुजरात के भी मिले हैं। आशंका है कि यह गिरोह पूरे देश में सक्रिय होने की फिराक में है। छत्तीसगढ़ में करीब 4 हजार बैंक खाते और 15 सौ ऑनलाइन वॉलेट के जरिए लेनदेन किया जा रहा है। इसी तरह बाकी राज्यों में भी अकाउंट खोलकर ट्रांजेक्शन किया जा रहा है। इन खातों में ज्यादातर सेविंग अकाउंट है। इनमें छोटी रकम का ट्रांजेक्शन करना आसान होता है।

महादेव एप के विन काऊ एप डाउनलोड करते ही फ्रॉड

दुर्ग छत्तीसगढ़ निवासी कैलाश कुमार ने विन काऊ नामक एप डाउनलोड कर केला कुमार नामक व्यक्ति से पहले 260 रुपए जमा कराए। फिर 12 रुपए रोज रिटर्न दिया। केला कुमार ने इसके बाद 4700 रुपए जमा कर दिए तो रिटर्न आना भी बंद हो गया। वहीं अहमदाबाद के अनवर भाई व आशीष पांडेय निवासी असम को भी ऑनलाइन काम कर रुपए कमाने का प्रलोभन देकर इसी तरह धोखाधड़ी की। ऐसे कई लोग हैं जिन्हें छोटे-छोटे से प्रलोभन देकर ठगा।

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