Iran Attack :- अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका ने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी रखा है, जबकि इजरायल इसे ऑपरेशन रोअरिंग लायन कह रहा है।
अमेरिका का दावा है कि इस ऑपरेशन का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलों, नौसेना और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह नष्ट करना है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा और उसकी ताकत को कुचल दिया जाएगा।
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सैन्य तैयारियां
US ने मिडिल ईस्ट में कई सालों में अपनी सबसे बड़ी मिलिट्री जमावड़ा किया है। इसमें 50,000 से ज़्यादा सैनिक, 200 से ज़्यादा फाइटर जेट, दो एयरक्राफ्ट कैरियर, B-1, B-2, और B-52 बॉम्बर शामिल हैं। ऑपरेशन के पहले 100 घंटों में लगभग 2,000 लक्ष्यों पर हमला हुआ और 2,000 से ज्यादा मिसाइलें व बम गिराए गए। ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली बुरी तरह कमजोर कर दी गई, सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन नष्ट किए गए, और 17 जहाज डुबो दिए गए, जिनमें उनकी सबसे आधुनिक पनडुब्बी भी शामिल थी।
नए हथियारों का इस्तेमाल
PrSM मिसाइल पहला कॉम्बैट इस्तेमाल, कामिकेज़ ड्रोन दुश्मन पर हमला करना और फिर खुद को खत्म करना, B-2 बॉम्बर गहरे टारगेट पर सर्जिकल स्ट्राइक, B-52 और B-1 बॉम्बर कमांड सेंटर और मिसाइल पोस्ट पर हमला।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 से ज्यादा ड्रोन (Iran Attack) दागे। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने जानबूझकर नागरिक इलाकों और खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। हालांकि, अधिकांश हमले अमेरिकी और इजरायली रक्षा प्रणालियों द्वारा रोके गए। कुछ अमेरिकी सैनिक मारे गए और कुछ घायल हुए। अब अरबियन गल्फ, होर्मुज जलडमरूमध्य और गल्फ ऑफ ओमान में अमेरिका-इजरायल ने हवाई और समुद्री नियंत्रण हासिल कर लिया है।
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