महाराष्ट्र :- गृह मंत्री अमित शाह का एक बयान इस समय सियासी गलियारे में खलबली मचा रहा है | दरअसल महाराष्ट्र भाजपा के पार्टी ऑफिस के भूमि पूजन पर गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से गए थे, यहां मंच से अपने अंदाज में शाह ने जो बात कही, वो मौजूदा ही नहीं शायद पुराने गठबंधन सहयोगियों को भी अच्छी नहीं लगी होगी | उस एक लाइन का एक शब्द ऐसा था कि कुछ देर बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस को सफाई देनी पड़ी |
यह भी पढ़े … CGPSC की 24वीं रिपोर्ट…! अनियमितताओं पर विधानसभा में गरमाएगा मुद्दा – unique 24 news
मुंबई में भाजपा कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कह दिया कि मैं महाराष्ट्र के सभी कार्यकर्ताओं को मनपूर्वक साधुवाद देना चाहता हूं क्योंकि अब महाराष्ट्र में बीजेपी पार्टी, भाजपा… ये किसी बैसाखी के आधार पर नहीं चलती है. अपने बूते पर खड़ी है. भारतीय राजनीति में जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व और भाजपा के सिद्धांत एक अमिट स्थान रखते हैं उसी तरह से अब महाराष्ट्र में भी भारतीय जनता पार्टी राज्य के राजनीतिक क्षेत्र का एक मजबूत हस्ताक्षर है. इसमें कोई ना नहीं बोल सकता. (नीचे दिए लिंक पर शाह की स्पीच सुनिए)
गौरतलब बात यह है की जब केंद्र में भी इस समय गठबंधन सरकार चल रही है, ऐसे में क्या अमित शाह ने ‘जानबूझकर’ महाराष्ट्र में बैसाखी वाला बयान दे दिया है ? जब से उन्होंने महाराष्ट्र भाजपा की ताकत दिखाने के लिए यह एक लाइन का बयान दिया है, तब से ही अंदर ही अंदर सहयोगी दलों के नेताओं में एक चुभन सी उठ रही होगी | आखिर शाह ने ऐसा आखिर क्योँ कहा होगा ?
CM फडणवीस ने दी सफाई
शाह के बयान का बचाव करते हुए फडणवीस ने कहा कि जो लोग इस टिप्पणी पर सवाल उठा रहे हैं, वे ‘बैसाखी’ का मतलब नहीं समझते हैं. दोस्त बैसाखी नहीं होते |
जिस समय शाह बैसाखी वाली बात बोल रहे थे, मंच पर सीएम देवेंद्र फडणवीस चुपचाप बैठे उन्हें सुन रहे थे. कुछ देर बाद ही पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा तो सीएम ने कहा कि दोस्त बैसाखी नहीं होते हैं. दरअसल, यह बात गठबंधन के सहयोगियों को इसलिए भी चुभेगी क्योंकि आज भी देवेंद्र फडणवीस एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी के साथ गठबंधन सरकार चला रहे हैं |
देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए
हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

