नेशनल डेस्क। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून के विरोध ने हिंसक रूप ले लिया है। शनिवार को समसेरगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां 74 वर्षीय हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास (40) की उनके घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई। दोनों को चाकू से गोदकर मारा गया और शव घर के अंदर मिले। परिजनों ने आरोप लगाया है कि हमला लूट के इरादे से हुआ था।
हिंसा की चपेट में कई इलाके, पुलिसकर्मियों पर भी हमला
शनिवार को ही धुलियान इलाके में एक अन्य व्यक्ति को गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले शुक्रवार (11 अप्रैल) को भी समसेरगंज और सुती में वक्फ कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे, जहां पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई और पथराव किया गया। पुलिस ने अब तक 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
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‘कानून को बंगाल में लागू नहीं होने देंगे’ : ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “यह कानून हमारी सरकार ने नहीं बनाया। केंद्र सरकार से पूछें कि उन्होंने ऐसा कानून क्यों बनाया? हम इसका विरोध करते हैं और इसे बंगाल में लागू नहीं होने देंगे। फिर यह हिंसा क्यों?” उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की और दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
जानें क्या है वक्फ एक्ट विवाद
केंद्र सरकार द्वारा पारित इस कानून का विरोध करने वालों का कहना है कि यह मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर करता है। जबकि केंद्र का दावा है कि यह संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन के लिए जरूरी है।
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