छतीसगढ़ वाणिज्य संघ ने बिहार स्थापना दिवस मनाने का किया विरोध

छतीसगढ़ वाणिज्य संघ ने बिहार स्थापना दिवस मनाने का किया विरोध

छतीसगढ़ :- छतीसगढ़ में शांति और सांस्कृतिक समरसता का माहौल है, लेकिन हाल ही में विभिन्न स्थानों पर बिहार स्थापना दिवस मनाने की नई परंपरा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। पहले भी राज्य की नदियों, तालाबों और अन्य स्थानों के नामकरण में बाहरी संस्कृतियों का प्रभाव देखने को मिला है, और अब यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़िया संस्कृति और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने जैसा है। इस पर छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ ने कड़ी निंदा और विरोध दर्ज कराया है।

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संस्कृति पर आघात: महासंघ ने जताई नाराजगी छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शेखर वर्मा ने कहा कि आज तक छत्तीसगढ़िया स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ी बोली दिवस को उचित सम्मान नहीं मिला, जबकि अब राजधानी रायपुर में बिहार स्थापना दिवस को शासन और प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कहीं न कहीं छत्तीसगढ़िया अस्मिता का अपमान है। महासंघ ने इस आयोजन की घोर निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि ऐसे कार्यक्रमों पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में अन्य प्रदेशों की संस्कृतियों को भी प्रमुखता दी जाएगी, जिससे स्थानीय संस्कृति पर संकट खड़ा हो सकता है।

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को सौंपा ज्ञापन
वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने इस आयोजन के विरोध में एकमत राय व्यक्त की और ऐसे कार्यक्रमों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महासंघ ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया है कि भविष्य में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

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