Site icon unique 24 news

गैंगरेप का क्राइम सीन और एक पर्ची… लाश के पास मिला सबूत, ऐसे सुलझाया गया ब्लाइंड केस

गैंगरेप का क्राइम

गैंगरेप का क्राइम सीन और एक पर्ची… लाश के पास मिला सबूत, ऐसे सुलझाया गया ब्लाइंड केस

कुछ समय पहले उड़ीसा के कटक जिले में नदी के किनारे से एक अज्ञात महिला की लाश बरामद हुई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर चोट के निशान मिले थे जिससे महिला के साथ गैंगरेप के बाद हत्या किए जाने का खुलासा हुआ था.कंडरपुर थाना पुलिस ने इस मामले में गैंगरेप और हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था. इस केस में मृतक महिला की पहचान भी नहीं हो पाई थी और उसके साथ इस जघन्य कांड को करने वाले कौन लोग है इसकी भी पहचान नहीं हो पाई थी. लेकिन इस ब्लाइंड केस को पुलिस ने काफी सूझबूझ से सुलझा लिया है.

क्राइम सीन पर मिली खून से लथपथ पेंट

दरअसल, कंडरपुर थाना पुलिस ने क्राइम सीन से एक खून से लथपथ पेंट बरामद किया था. इस पेंट में से न्यू स्टार टेलर्स लिखी हुई पर्ची चिपकी हुई बरामद हुई थी. जिस पर्ची पर दर्जी द्वारा गुजराती भाषा में मैजरम्नेट के नंबर लिखे थे. उड़ीसा पुलिस ने समग्र मामले को लेकर अपने क्षेत्र के पुलिस ग्रुप में पर्ची वायरल कर उस टेलर को ढूंढने की कोशिश शुरू की थी लेकिन पुलिस को टेलर से संबंधित कोई सफलता नहीं मिली थी.

गुजराती भाषा में टेलर की पर्ची

इस दौरान पुलिस अधिकारियों के ध्यान में आया कि पर्ची पर जो आंकड़े लिखे है वह गुजराती भाषा में लिखे गए हैं. इसके बाद कटक के डिप्टी कमिश्नर जगमोहन मीणा ने गुजरात में जिस शहर और जिले में उड़ीसा के लोग रहते हैं उन शहरों के पुलिस कमिश्नर और उच्च अधिकारियों से मदद मांगी. तब सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने पीसीबी पुलिस इंस्पेक्टर राजेश सुवेरा को इस मामले में जांच के आदेश दिए थे. आखिरकार भारी जहमत के बाद पीसीबी के पुलिस इंस्पेक्टर राजेश सुवेरा के हेड कांस्टेबल अशोक लूणी को दर्जी की पर्ची न्यू स्टार टेलर का पता चल गया. यह पर्ची सूरत शहर के लिंबायत इलाके के अंबानगर में स्थित टेलर की दुकान की थी.

खंगाला गया टेलर की दुकान का सीसीटीवी

इस पर्ची पर जो राइटिंग थी वह टेलर ने अपनी होने की बात कबूल कर ली और उस आधार पर मेजरमेंट वाली बुक में जांच की. उसे कार्बन कॉपी की गई पर्ची में तारीख भी मिल गई थी. दुकानदार के पास से ग्राहक का नाम एड्रेस ना होने पर पुलिस ने सीसीटीवी की जांच पड़ताल शुरू की गई थी. इसमें दिवाली से पहले दोस्तों के साथ कपड़ा सिलवाने आए उड़ीसा के शख्स के सीसीटीवी फुटेज बरामद हुए थे.साथ ही साथ उस युवक ने दर्जी को सिलाई के पैसे देने के लिए अपने दोस्त से 100 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए थे. इसी ट्रांजेक्शन की मदद से पुलिस की टीम उस दोस्त तक पहुंच गई थी. यहां पहुंचकर कपड़ा सिलवाने वाले जगन्नाथ उर्फ बापी सनिया देहूरी की पुष्टि हुई.

तीनों भाइयों ने किया था महिला का गैंगरेप और हत्या

जगन्नाथ सूरत के लिंबायत इलाके में लूम्स के कारखाने में काम करता था.सूरत पुलिस ने इस इनपुट को कटक पुलिस के साथ शेयर किया था जिसके बाद पुलिस ने पहले जगन्नाथ को पकड़ा और उसके बाद पूछताछ में इस जघन्य अपराध में शामिल उसके बड़े भाई बलराम और चचेरा भाई हापी को पकड़ लिया. इन तीनों ने मिलकर महिला के साथ गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या की थी और उसकी लाश को नदी किनारे फेंक दिया था.जगन्नाथ ने खून से लथपथ अपनी पेंट को भी लाश के पास फेंक दिया था और उस पेंट में से जो टेलर की मिली पर्ची थी उसी से इस ब्लाइंड केस को सुलझाया गया.फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए

हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

Unique 24 Bharat – YouTube

Exit mobile version