वेब-डेस्क :- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपनी फर्टिलिटी पर अच्छे से ध्यान नहीं पाते हैं। आज के समय में कई ऐसे शोध हैं जिसमें ये स्पष्ट बताया गया है हमारे देश में ऐसे लोगों की संख्या अब और बढ़ती जा रही है, जो अपनी इनफर्टिलिटी की वजह से बच्चे नहीं कर पा रहे हैं। इसका असर पुरुष और महिला दोनों पर लगभग बराबर दिख रहा है, जिसकी वजह से बहुत से लोग माता-पिता नहीं बन पा रहे हैं। लेकिन इस खबर में हम सिर्फ महिलाओं के बारे में बात करने वाले हैं।
जब महिलाओं की फर्टिलिटी की बात आती है तो आमतौर पर उनके एएमएच लेवल यानी एंटी-मुलिन हार्मोन की बात की जाती है। यह एक ऐसा ही महत्वपूर्ण संकेत है जो उनकी ओवरी में अंडों के भंडार और उनकी कार्यक्षमता को दर्शाता है। यह एक ऐसा विषय है जिस पर अक्सर खुलकर बात नहीं होती, लेकिन इसकी सही जानकारी हर महिला के लिए जरूरी है।
इसको और सरल करके समझें तो एएमएच एक ऐसा मानक है जो जितना कम होता है कंसीव करना उतना ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या एएमएच लेवल को बढ़ाया जा सकता है? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
हाल ही में, इसी विषय पर गहन चर्चा करते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में एएमएच का स्तर बढ़ाया जा सकता है, जबकि कुछ स्थितियों में यह संभव नहीं होता। यह जानकारी उन सभी महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो अपने परिवार नियोजन या स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में एएमएच का स्तर बढ़ाया जा सकता है, जबकि कुछ मामलों में यह संभव नहीं होता है।
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कब नहीं बढ़ सकता है एएमएच लेवल?
डॉ. शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि एएमएच का स्तर मुख्य रूप से महिला की उम्र पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि यदि किसी महिला की उम्र 44 वर्ष से अधिक है और उनका एएमएच स्तर 0.02 के आसपास है, तो इस स्थिति में एएमएच को बढ़ाना बेहद मुश्किल होता है।
इसका कारण यह है कि इस उम्र में ओवरीज प्राकृतिक रूप से कमजोर होने लगती हैं, या तो वे सिकुड़ जाती हैं या निष्क्रिय हो जाती हैं। इसलिए, उम्र के कारण कम हुए एएमएच को बढ़ाना संभव नहीं है।
कब बढ़ सकता है एएमएच लेवल?
हालांकि, डॉ. शर्मा ने उन महिलाओं के लिए आशा की किरण जगाई है जिनकी उम्र कम है और उनका एएमएच स्तर अचानक से गिर गया है। उनके अनुसार अगर किसी महिला का एएमएच पहले अच्छा था, लेकिन किसी पुरानी बीमारी या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण यह अचानक कम हो गया है, तो सही इलाज और देखभाल से इसे फिर से सुधारा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की स्थिति में एएमएच को वापस सामान्य स्तर पर लाना संभव है।
यह समझना महत्वपूर्ण है कि एएमएच के स्तर में कमी का कारण क्या है। डॉ. शर्मा ने कहा कि एएमएच में सुधार होगा या नहीं, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि यह किस वजह से कम हुआ है। यदि यह कम उम्र में किसी इलाज योग्य कारण से हुआ है, तो सुधार की पूरी संभावना है। इसलिए, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले डॉक्टर से परामर्श करके एएमएच कम होने के सही कारण का पता लगाना आवश्यक है।
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