ईरान-इजरायल संघर्ष का डिजिटल दुनिया पर असर…!

ईरान-इजरायल संघर्ष का डिजिटल दुनिया पर असर…!

वेब डेस्क :- मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष का असर केवल तेल और गैस की कीमतों पर ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर और न्यूज़ वेबसाइट और वेब पोर्टल्स पर भी देखने को मिल रहा है। युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण लोग लगातार अपडेट के लिए न्यूज़ पोर्टल्स पर जा रहे हैं, जिससे कई वेब पोर्टल्स पर रीडर ट्रैफिक बढ़ा है। लेकिन इसके बावजूद कमाई में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है। डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अस्थिरता के दौरान कई कंपनियां अपने ऑनलाइन विज्ञापन बजट कम कर देती हैं। इसका सीधा असर न्यूज़ वेबसाइट्स और पोर्टल्स की एड रेवेन्यू पर पड़ता है।

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Google और Meta Platforms जैसे प्लेटफॉर्म भी ट्रेंडिंग और युद्ध से जुड़े बड़े इंटरनेशनल कंटेंट को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इससे छोटे या लोकल वेब पोर्टल्स के आर्टिकल्स की रीच कम हो सकती है।

CPM और RPM में गिरावट

वेब पोर्टल चलाने वालों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में CPM (Cost Per Mille) और RPM (Revenue Per Mille) में गिरावट देखी गई है। इसका मतलब है कि वेबसाइट पर व्यूज आने के बावजूद प्रति हजार व्यू पर मिलने वाली कमाई कम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय खबरों के चलते कई बार लोकल या क्षेत्रीय खबरों की रीडरशिप कम हो जाती है, जिससे छोटे वेब पोर्टल्स की कमाई और ज्यादा प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव बना रहेगा, तब तक डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल्स की कमाई पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की कमाई घटी

मिडिल ईस्ट में चल रहे Iran–Israel conflict के बढ़ते तनाव का असर अब सोशल मीडिया की दुनिया पर भी दिखाई देने लगा है। युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की कमाई पर बड़ा असर पड़ रहा है। कई क्रिएटर्स का कहना है कि उनकी कमाई पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।

दरअसल, युद्ध और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के कारण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूज़र्स का ध्यान ज्यादातर वैश्विक खबरों और युद्ध से जुड़ी अपडेट्स पर चला गया है। इससे मनोरंजन, रील्स और सामान्य कंटेंट की व्यूअरशिप में गिरावट देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों के मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Instagram, YouTube और Facebook पर एल्गोरिदम भी ट्रेंडिंग और बड़े वैश्विक मुद्दों से जुड़े कंटेंट को प्राथमिकता देने लगते हैं। इसके कारण कई इन्फ्लुएंसर्स के वीडियो और रील्स पहले की तरह ज्यादा लोगों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

ब्रांड प्रमोशन और विज्ञापन डील्स भी प्रभावित

इन्फ्लुएंसर्स का कहना है कि व्यूज और एंगेजमेंट कम होने से ब्रांड प्रमोशन और विज्ञापन डील्स भी प्रभावित हो रही हैं। कई क्रिएटर्स की कमाई में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है।

सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और युद्ध की खबरें सुर्खियों में रहेंगी, तब तक डिजिटल कंटेंट मार्केट पर इसका असर बना रह सकता है। हालांकि हालात सामान्य होने पर सोशल मीडिया कंटेंट की व्यूअरशिप और इन्फ्लुएंसर्स की कमाई फिर से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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