नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों (Priority Sector Lending – PSL) में कर्ज देने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगे, जिनका मकसद छोटे उधारकर्ताओं को राहत देना और बैंकों को अधिक पारदर्शिता के साथ काम करने के लिए बाध्य करना है। आइए जानते हैं इन बदलावों से आपको क्या फायदा होगा।
छोटे कर्ज पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
अगर आप 50,000 रुपये तक का लोन लेना चाहते हैं तो अब आपको किसी भी तरह का सेवा शुल्क या निरीक्षण शुल्क नहीं देना होगा। RBI का यह फैसला छोटे कारोबारियों, किसानों और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
होम लोन की लिमिट बढ़ाई गई
अब मकान खरीदना और आसान हो गया है। नए नियमों के तहत, प्राथमिकता क्षेत्र के लिए होम लोन की सीमा बढ़ा दी गई है:
50 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में – अब 50 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा (पहले यह सीमा 35 लाख रुपये थी)।
मकान की अधिकतम कीमत – 63 लाख रुपये तक हो सकती है (पहले यह 45 लाख रुपये थी)।
10 लाख या उससे अधिक आबादी वाले शहरों में – अब 45 लाख रुपये तक का होम लोन मिलेगा।
10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में – 35 लाख रुपये तक का लोन प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल होगा।
बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी
अब बैंकों को तिमाही और वार्षिक रिपोर्ट देनी होगी, जिसमें बताया जाएगा कि उन्होंने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में कितना लोन दिया। इससे लोन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरतमंद लोगों को सही तरीके से कर्ज मिल सकेगा।
गोल्ड लोन को PSL से हटाया गया
अगर आप सोने के बदले लोन लेना चाहते हैं, तो यह अब प्राथमिकता क्षेत्र लोन (PSL) में नहीं आएगा। यानी बैंक अब NBFC से खरीदे गए सोने के बदले दिए गए कर्ज को PSL के अंतर्गत नहीं गिन सकेंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि PSL के तहत मिलने वाला पैसा असली जरूरतमंद लोगों, जैसे कि किसानों, छोटे कारोबारियों और निम्न आय वर्ग तक पहुंचे।
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PSL क्या है और इसका फायदा किन्हें मिलता है?
PSL, यानी प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, RBI की एक नीति है, जिसके तहत बैंकों को अपने कुल ऋण का एक निश्चित हिस्सा समाज के कुछ महत्वपूर्ण वर्गों को देना जरूरी होता है। इसमें शामिल हैं:
- कृषि क्षेत्र
- छोटे और मध्यम व्यवसाय (MSME)
- निम्न आय वर्ग के लिए आवास ऋण
- शिक्षा ऋण
- समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए ऋण
क्या होगा फायदा?
- छोटे कर्ज पर राहत: 50,000 रुपये तक के लोन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
- घर खरीदना हुआ आसान: होम लोन की सीमा बढ़ने से मध्यम वर्ग को सीधा लाभ मिलेगा।
- बैंकों की जवाबदेही बढ़ेगी: तिमाही और वार्षिक रिपोर्ट से पारदर्शिता आएगी।
- गोल्ड लोन PSL से बाहर: इससे असली जरूरतमंदों तक सही फंड पहुंचेगा।
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