Site icon unique 24 news

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर सख्त कानून लागू…! नियम तोड़े तो 20 साल उम्रकैद

रायपुर :- छत्तीसगढ़ में जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के उद्देश्य से पारित छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 अब लागू हो गया है। विधानसभा में 19 मार्च को पारित इस विधेयक को राज्यपाल रामेन डेका की मंजूरी मिलने के बाद राजपत्र में प्रकाशित कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 को लेकर बीजेपी ने उतारे 40 स्टार प्रचारक…! – unique 24 news

विधेयक को सदन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रस्तुत किया था। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य नागरिकों की धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए जबरन या प्रलोभन से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है।

सरकार के अनुसार, वर्ष 1968 के पुराने प्रावधान वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप पर्याप्त नहीं थे। खासकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में सामने आए विवादों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के मद्देनज़र नए कानून की जरूरत महसूस की गई।

नए कानून के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को नियमन के दायरे में लाया गया है। इच्छुक व्यक्ति को निर्धारित अधिकारी के समक्ष आवेदन देना होगा, जिसके बाद सूचना सार्वजनिक कर आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी।

साथ ही, धर्मांतरण कराने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं का पंजीयन अनिवार्य किया गया है और ग्राम सभाओं को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है। विवाह के आधार पर धर्म परिवर्तन के मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन आवश्यक होगा।

कानून में अवैध धर्मांतरण पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। सामान्य मामलों में 7 से 10 वर्ष की सजा, विशेष वर्ग (महिलाएं, अनुसूचित जाति-जनजाति और नाबालिग) से जुड़े मामलों में 10 से 20 वर्ष की सजा, जबकि सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में आजीवन कारावास तक का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, पीड़ित को मुआवज़ा (Anti Conversion Law) देने, सबूत का बोझ आरोपी पर डालने और विशेष अदालतों में मुक़दमे चलाने जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।

देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए

हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

Unique 24 Bharat – YouTube

Exit mobile version