झारखंड :- रांची में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे JPSC और JSSC परीक्षार्थियों का आंदोलन अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आ खड़ा हुआ है। भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक, OMR शीट विवाद और परीक्षा में लेट-लतीफी के खिलाफ शुरू हुआ यह आंदोलन एक तरफ जहां पारंपरिक राजनीतिक छात्र संगठनों से दूरी बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के नए युवा प्रेशर ग्रुप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन से चर्चा में आईं AISA नेता नेहा बोरा ने 7 अगस्त को रांची में ‘विधानसभा मार्च’ का आह्वान किया था। हालांकि, जमीन पर डटे ‘JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच’ के छात्रों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुद को AISA के इस मार्च से पूरी तरह अलग कर लिया है। छात्र प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि AISA का मार्च उनका निजी व राजनीतिक कार्यक्रम है। परीक्षार्थियों का अपना स्वतंत्र विधानसभा घेराव 10 अगस्त 2026 को होगा।
राजनीतिक टैग से बचाव: आंदोलनकारी छात्र नहीं चाहते कि उनके निष्पक्ष आंदोलन पर किसी वामपंथी या दक्षिणपंथी राजनीतिक दल का ‘टैग’ लगे।
मांगें खारिज होने की आशंका: छात्रों को डर है कि यदि दिल्ली या जेएनयू केंद्रित संगठन अगुवाई करेंगे, तो राज्य की हेमंत सोरेन सरकार इसे ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ बताकर उनकी मूल मांगों (14वीं JPSC PT रद्द करने व CBI जांच) को खारिज कर देगी।
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ आंदोलन कर सुर्खियों में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने रांची के छात्रों को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
दूसरी ओर, रिफॉर्म मंच ने सरकार से सीधी वार्ता के लिए एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जिसमें रवीन्द्र पासवान और पीयूष कुमार सिंह समेत 8 छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। इसमें वकीलों और पत्रकारों को केवल मार्गदर्शक (गाइड) के रूप में रखा गया है।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
कट-ऑफ गड़बड़ी, OMR शीट विवाद और विवादित ‘TDPL’ एजेंसी की भूमिका के कारण 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत कई परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा कराया जाए।
राज्य की CID जांच पर अविश्वास जताते हुए स्वतंत्र CBI जांच या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त जजों के पैनल से जांच कराई जाए।
भविष्य में OMR शीट से छेड़छाड़ रोकने के लिए ‘Not Attempted’ का 5वां विकल्प जोड़ा जाए।
JSSC की लंबित परीक्षाओं का समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर जारी हो और भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए।
कुल मिलाकर, रांची का छात्र आंदोलन अब किसी दल के झंडे के बजाय अपने भविष्य और हक की लड़ाई के रूप में गैर-राजनीतिक युवाओं के समर्थन से आगे बढ़ रहा है।
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