बाल पकते ही पक्के आवास का सपना छोड़ चुकी थी छेरकीन बाई
*पक्का मकान तैयार होने के बाद खुश है कि बुढ़ापे में परेशान नहीं होना पड़ेगा* कोरबा :- जंगलों के बीच कच्चे मकान में बसर कर रही छेरकीन बाई को लगता था कि एक दिन वे लोग भी पक्के मकान में निवास करेंगे। घर की गरीबी और परिस्थितियों ने ऐसे मोड़…










