आज का दिन था दिवसों के नाम, जानें कौन-कौन से दिन थे आज …

आज का दिन था दिवसों के नाम, जानें कौन-कौन से दिन थे आज …

वेब-डेस्क :- आज का दिन रहा विशेष दिवसों के नाम। जहां एक ओर समाज, विज्ञान और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वाले कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दिवस मनाए गए, वहीं दूसरी ओर आज कुछ खास अवसरों ने लोगों को एकजुट होने का मौका भी दिया। तो आइए जानते हैं, आज के दिन कौन-कौन से दिवस मनाए गए, और क्या है इनके पीछे की अहमियत।

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जयंती
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति थे, जिन्होंने अपने जीवन को शिक्षा, विज्ञान और युवाओं के समर्पण में लगा दिया। 15 अक्टूबर जन्मे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति और प्रसिद्ध वैज्ञानिक है। उनका जन्म: 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था। उन्हें ‘भारत के मिसाइल मैन’ के रूप में जाना जाता है तथा उनके जन्मदिन को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के रूप में मनाया जाता है।

विश्व छात्र दिवस
हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता विश्व छात्र दिवस है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती है। इस दिन विज्ञान, शिक्षा और सैन्य क्षेत्र में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रयासों के सम्मान में मनाया जाता है। बैलिस्टिक मिसाइलों और प्रक्षेपण यान तकनीक के विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें “भारत का मिसाइल मैन” उपनाम दिया गया था। विश्व छात्र दिवस महत्व पूरी तरह छात्र जीवन से जुड़ा है: यह दिन बताता है छात्र जीवन का महत्व क्या है, ये बताता है कि छात्र ही भविष्य का समाज हैं, छात्र ही देश को नई दिशा देंगे। ये दिन शैक्षिक चुनौतियों पर भी प्रकाश डालता है।

अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस
हर साल 15 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिलाओं का दिवस मनाया जाता है। यह दिन ग्रामीण महिलाओं के योगदान, उनके अधिकारों और उनकी स्थिति को सम्मानित करने के लिए समर्पित है। ग्रामीण महिलाएं न केवल परिवार और समुदाय की रीढ़ होती हैं, बल्कि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी उनका योगदान अनमोल होता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया भर में महिलाओं की सशक्तिकरण, समानता और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 2007 में इस दिन की घोषणा की थी ताकि ग्रामीण महिलाओं की चुनौतियों, उपलब्धियों और उनके विकास में भूमिका को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी जा सके।

वैश्विक हाथ धुलाई दिवस
हाथ धोना सिर्फ हमारे स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि जो लोग हमसे जुड़े हुए हैं, उनके स्वास्थ्य के लिए भी एक अच्छी आदत है। हाथ धोना हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है, इसकी जानकारी हमें कोरोना महामारी के दौरान हो चुकी है। सही तरीके से हाथों को धोकर बैक्टीरियल इंफेक्शन, डायरिया, निमोनिया, टाइफाइड जैसी कई संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है। हाथ धोना हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। इसके बावजूद लोग सही तरीके से हाथों को धोते नहीं है और बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। लोगों का ध्यान हाथों को धोने के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 15 अक्टूबर को ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया जाता है।

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विश्व सफेद छड़ी दिवस
विश्व सफेद छड़ी दिवस हर साल 15 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य दृष्टिबाधित व्यक्तियों की आत्मनिर्भरता, अधिकारों और सामाजिक समावेशन के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह दिवस समाज को दृष्टिबाधित लोगों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना बढ़ाने का संदेश देता है। सफेद छड़ी का विशेष महत्त्व है, यह केवल चलने का सहारा नहीं, बल्कि दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक पहचान और सम्मान का प्रतीक है। यह उन्हें न सिर्फ सुरक्षित रूप से चलने में मदद करती है, बल्कि उनकी मौजूदगी और अधिकारों को भी समाज में पहचान दिलाती है।

इन सामाजिक दिवसों के बीच आज एक महत्वपूर्ण धार्मिक तिथि भी है।

कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि
15 अक्तूबर 2025 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जिसे यम नवमी भी कहा जाता है। इस दिन यम देवता और माता दुर्गा का विशेष प्रभाव रहता है।
शास्त्रों के अनुसार इस तिथि पर कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका परिणाम अपेक्षित नहीं मिलता।
हालांकि, नई योजनाएं बनाने, रणनीति तय करने और कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के लिए यह दिन अत्यंत उपयोगी है।

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