वेब-डेस्क :- बागपत जिले के दोघट इलाके के गांगनौली गांव की बड़ी मस्जिद में हुए तिहरे हत्याकांड में शवों के पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने तीन चिकित्सकों का पैनल गठित किया। जिन्होंने शनिवार में देर रात तीनों शवों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद मुफ्ती इब्राहिम व अन्य परिजन तीनों शवों को लेकर सुन्ना जिला शामली चले गए और वहीं पर शवों को सुपुर्द ए खाक किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चोट के निशान इसराना के शरीर पर मिले, उसकी गर्दन पर चाकू पर वार किया गया था। इसके अलावा चेहरे और सिर पर बसूली से वार करने के छह चोटों के निशान मिले।
इसके अलावा सोफिया और सुमाइया के शरीर पर चोट के दो-दो निशान मिले हैं। तीनों के शरीर से ज्यादा खून बहने से मौत होने का कारण सामने आया। बताया गया कि तीनों शवों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
इससे पहले तीनों के शवों को ले जाने के लिए दोघट थाने के बाहर इसराना के ससुराल पक्ष और मायके पक्ष में नोकझोंक भी हुई। बताया कि रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे ससुराल पक्ष के लोग इसराना और दोनों बच्चियों के शव लेकर सुन्ना गांव जिला शामली चले गए।
कमरे में रखी नकदी व सामान ले गए मुफ्ती
तिहरे हत्याकांड के बाद सुन्ना गांव में शवों को सुपुर्द ए खाक कराने के बाद मुफ्ती इब्राहिम गांगनौली गांव वापस लौट आए। इसके बाद थाने में पुलिसकर्मियों से बातचीत के बाद कमरे में रखी हजारों रुपये की नकदी, सामान और सोने चांदी के जेवर लेकर चले गए।
एक आरोपी मैच खेलकर वहां से भागा
तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद एक आरोपी छात्र गांव में ही चल रही खोल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पहुंच गया। वहां पर पहले कबड्डी प्रतियोगिता में अपनी टीम के साथ खेला, उसकी टीम मैच हार गई तो वह वहां से भाग गया था।
इसराना को बाजी यानी बहन कहते थे
मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी इसराना को दोनों आरोपी बाजी यानी बहन कहकर पुकारते थे। पूछताछ में दोनों आरोपी बार-बार इसराना को बाजी कहकर पूरी घटना के बारे में बताते रहे। इस तरह बहन कहने के बाद भी दोनों ने उनकी हत्या कर दी।
ग्रामीणों से मिलकर वापस लौट गए नेता
दोघट में मुफ्ती के परिवार के तीन सदस्यों की हत्या का पता चलने पर रविवार को रालोद विधायक गुलाम मोहम्मद, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव नवाब अहमद हमीद, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप, जाहिद खान, एडवोकेट सरफराज मलिक समेत अन्य नेता गांगनौली गांव पहुंचे। वहां पर मस्जिद में उन्हें मुफ्ती नहीं मिले तो ग्रामीणों से मुलाकात कर वापस लौट गए। इसके चलते दिनभर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
यह भी पढ़े : क्लब पार्टी में आग के खेल से मचा हड़कंप, दो बारटेंडरों के चेहरे में लगा आग – unique 24 news
मुफ्ती की बीवी और दो मासूम बच्चियों का कत्ल
बागपत जिले के दोघट के गांगनौली की बड़ी मस्जिद परिसर में शनिवार की दोपहर मुफ्ती इब्राहिम की पत्नी आलिमा इसराना (30), बेटी सोफिया (5), सुमाझ्या (2) की दो नाबालिगों ने बसूली से सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर आला कत्ल बसूली और एक चाकू बरामद कर लिया है।
शामली जिले के सुन्ना गांव निवासी मुफ्ती इब्राहिम अपने परिवार के साथ गांगनौली की बड़ी मस्जिद में ऊपरी मंजिल में बने कमरे में तीन साल से रह रहे हैं। उनकी पत्नी इसराना आलिमा की पढ़ाई करके पड़ोस की बच्चियों को दीनी तालीम देती थीं।
खून से लथपथ चारपाई पर पड़े थे शव
शनिवार दोपहर में छह बच्चियां दीनी तालीम लेने के लिए मस्जिद में आईं तो काफी देर तक आवाज लगाने पर दरवाजा नहीं खुला। वे सीढ़ी से चढ़कर छत पर गईं और दरवाजा खोला। कमरे में जाकर देखा तो इसराना, सोफिया और सुमाइया के शव खून से लथपथ चारपाई पर पड़े दिखे।
एसपी से नोकझोंक और एएसपी की गाड़ी को तोड़ने का प्रयास
शव देखते ही बच्चियां चिल्लाते हुए मस्जिद से बाहर आ गईं। भीड़ ने पुलिस के शव उठाने का विरोध किया। एसपी से नोकझोंक और एएसपी की गाड़ी को तोड़ने का प्रयास किया गया। मेरठ के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की।
दोनों आरोपी मस्जिद में लेते थे दीनी तालीम
एसपी सूरज कुमार राय के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे दोनों मस्जिद में दीनी तालीम लेते थे। उनको मुफ्ती इब्राहिम और कभी इसराना पढ़ाती थी। इब्राहिम उनको डांटने के साथ ही पिटाई कर देते थे। इसलिए गुस्से में परिवार को मारने की योजना बनाई। इसके लिए कई दिन से फिराक में लगे थे। उनको पता चला कि शनिवार को इब्राहिम देवबंद गए हैं तो दोपहर में दोनों मस्जिद में आए।
दोनों नाबालिग आरोपी गिरफ्तार
मस्जिद में नीचे राजमिस्त्री द्वारा काम करने के लिए बसूली रखी हुई थी जिसको उठाकर ले गए। पहले इसराना पर वार किए और फिर बच्चियों पर वार कर दिया। इस तरह तीनों की हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद गांव के पास ही घूमते रहे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आला कत्ल बसूली और एक चाकू बरामद किया गया है।
पांच माह की गर्भवती थी इसराना
इसराना लोनी की रहने वाली थी और मुफ्ती इब्राहिम से उसका निकाह सात साल पहले हुआ था। निकाह के बाद इब्राहिम कई साल तक इसराना के साथ लोनी की मस्जिद में रहे और तीन साल पहले यहां आए थे। इसराना की दो बेटियां थीं तो वह अब पांच महीने की गर्भवती थी। एसपी के सामने इब्राहिम ने इसकी पुष्टि की।
देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए
हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

