Air Purifier Tips: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा जहरीली होने लगी है। कई इलाकों में AQI 100 से पार पहुंच चुका है और आने वाले हफ्तों में इसके 500 के पार जाने की आशंका है। ऐसे में घरों में एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जरा सी लापरवाही आपके एयर प्यूरिफायर को कबाड़ बना सकती है?
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- एयर प्यूरिफायर का सबसे अहम हिस्सा HEPA फिल्टर होता है, जो हवा में मौजूद धूल, परागकण (pollen) और अति सूक्ष्म कणों को रोकता है। कई लोग गंदा देखकर इसे नल के नीचे धो देते हैं, जो कि बिल्कुल गलत है। अधिकांश घरेलू एयर प्यूरिफायर के HEPA फिल्टर पानी से धोने के लिए नहीं बने होते हैं। पानी लगने से यह खराब हो जाता है और प्यूरिफिकेशन क्षमता खत्म हो जाती है। इसे साफ करने के लिए केवल सॉफ्ट ब्रश से बाहरी धूल को हल्के हाथों से झाड़ना चाहिए। जरूरत पड़ने पर इसे बदल देना ही बेहतर विकल्प है।
- गैसों और बदबू को रोकने वाले एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर को भी पानी से धोया नहीं जा सकता है। इस्तेमाल के साथ इसकी गैस सोखने की क्षमता कम होती जाती है, जिसे पानी से धोकर वापस नहीं लाया जा सकता।
- प्री-फिल्टर बड़े धूल कणों और बालों को रोकता है। कई मॉडल्स में इसे पानी से धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। सफाई से पहले मशीन बंद करें, प्री-फिल्टर निकालें और यदि कंपनी अनुमति देती है, तो हल्के पानी से धोकर पूरी तरह सुखाने के बाद ही वापस लगाएं। गीला फिल्टर लगाने से मशीन खराब हो सकती है।
- सैमसंग और डायसन जैसी कंपनियों के अनुसार, लगातार इस्तेमाल करने पर HEPA और कार्बन फिल्टर को आमतौर पर 6 से 12 महीने में बदल देना चाहिए। मशीन पर आने वाले रिमोट/इंडिकेटर लाइट पर ध्यान दें और नया फिल्टर लगाते समय उसकी प्लास्टिक पैकिंग हटाना न भूलें।
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