Site icon unique 24 news

CGPSC भर्ती घोटाला: टामन सिंह सोनवानी ईडी कोर्ट में पेश

रायपुर :- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) गुरुवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में पेश करेगा। पांच दिन की ईडी रिमांड पूरी होने के बाद एजेंसी उनसे आगे की पूछताछ के लिए दोबारा रिमांड मांग सकती है, जबकि वैकल्पिक रूप से न्यायिक अभिरक्षा (जेल) की भी मांग किए जाने की संभावना है। ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित हेराफेरी और अवैध आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

यह भी पढ़ें…. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव यूपी में सड़क हादसे का शिकार हुए – unique 24 news

प्रवर्तन निदेशालय ने सोनवानी को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अनुसार, जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से सीजीपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं तथा मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिले हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2021 में भर्ती नियमों में परिवार की परिभाषा में किए गए बदलाव से हितों के टकराव से जुड़े प्रावधान कमजोर हुए और कथित रूप से रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का रास्ता आसान हुआ।
धारा-50 के तहत पूछताछ, सहयोग नहीं करने का आरोप
ईडी का आरोप है कि पीएमएलए-2002 की धारा 50 के तहत दर्ज बयान के दौरान सोनवानी ने कई महत्वपूर्ण सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए और जांच में पूरा सहयोग नहीं किया। एजेंसी के अनुसार, कथित अपराध से अर्जित राशि का एक हिस्सा नकद में लिया गया, जबकि शेष धनराशि बैंकिंग चैनलों और विभिन्न लेयरिंग प्रक्रियाओं के जरिए इधर-उधर की गई। इसी मनी ट्रेल की कड़ियों को जोड़ने और अन्य संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

यह मनी लॉन्ड्रिंग मामला राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एफआईआर और बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के आधार पर दर्ज किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2020 और 2021 की सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षाओं में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जारी है।

ईडी का आरोप है कि टामन सिंह सोनवानी ने कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर प्रश्नपत्र लीक करने तथा कथित रूप से अवैध लाभ लेकर चयन प्रक्रिया में हेराफेरी की साजिश रची। एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य रिश्तेदारों और पसंदीदा अभ्यर्थियों का डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत विभिन्न सरकारी पदों पर चयन सुनिश्चित करना था।

देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए

हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….

Unique 24 Bharat – YouTube

Exit mobile version