पटना :- बिहार की राजधानी पटना की सड़कें राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विशाल मार्च के दौरान सियासी संग्राम और हंगामे की गवाह बनीं। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को भारी बल प्रयोग और वाटर कैनन (पानी की बौछार) का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने तेजस्वी यादव, सांसद मीसा भारती और मनोज झा सहित कई प्रमुख राजद नेताओं को हिरासत में ले लिया।
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गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च
राजद कार्यकर्ता और समर्थक पटना के जेपी गोलंबर (गांधी मैदान) के पास एकजुट हुए और राजभवन/लोक भवन की ओर बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारी जैसे ही इनकम टैक्स चौराहे के पास पहुंचे, पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग करके उन्हें रोकने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं द्वारा बैरिकेट्स तोड़ने की कोशिश किए जाने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की तेज बौछारें चलाईं।
प्रदर्शन के मुख्य मुद्दे
RJD का यह मार्च मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों और मुद्दों को लेकर था:
- परीक्षा पेपर लीक और बेरोजगारी: राज्य में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ युवाओं की आवाज उठाना।
- सिवान पुलिस कार्रवाई का विरोध: सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से AK-47 रायफल का प्रयोग किए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज कराना और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करना।
हिरासत के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया
पुलिस बस में सवार किए जाने के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं और छात्रों के आक्रोश से डरी हुई है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता चुप नहीं बैठेगी और राजद युवाओं के अधिकार की लड़ाई जारी रखेगा। राजद सांसद मीसा भारती ने भी आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य को गर्त में धकेल रही है।
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