ग्वालियर :- मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों को पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में हिरासत में लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत कागजात के सत्यापन और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, इन सभी नागरिकों को बांग्लादेश वापस भेजने (डिपोर्ट करने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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पहचान छिपाकर झुग्गियों में रह रहे थे घुसपैठिए
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के क्राइम ब्रांच को गुप्त इनपुट मिला था कि शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों और झुग्गियों में बिना वैध दस्तावेजों के विदेशी नागरिक पहचान छिपाकर रह रहे हैं। 4 अगस्त को त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चिन्हित ठिकानों पर दबिश देकर 13 संदिधों को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए समूह में 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं। गहन पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान ये सभी आरोपी भारतीय नागरिकता का कोई भी वैध प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर ID आदि) प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। कड़ाई से की गई पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया कि वे मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और भारत में अवैध रूप से घुसपैठ कर मजदूरी व अन्य छोटे-मोटे कार्यों में लगे हुए थे।
सुरक्षा घेरे में मालदा (पश्चिम बंगाल) भेजे गए
नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नागरिकता की पुष्टि होने के बाद केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के तय दिशानिर्देशों के तहत इन्हें डिपोर्ट करने की कागजी कार्रवाई पूरी की गई। ग्वालियर पुलिस की एक विशेष टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर पश्चिम बंगाल के मालदा के लिए रवाना हो चुकी है।
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