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सुबह की धुप लेने से शरीर में आते है ये सकारात्मक बदलाव

वेब-डेस्क :- हममें से अधिकतर लोगों को मालूम है कि सुबह की धूप लेना विटामिन-डी का सबसे बेहतरीन स्रोत है, जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन सूरज की रोशनी का महत्व इससे कहीं ज्यादा है क्योंकि यह हमारे संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक उपचार है।

विटामिन डी की कमी से आ सकती है नींद में दिक्कत
सुबह की पहली धूप जब हमारी त्वचा पर पड़ती है, तो यह कई ऐसे हार्मोनल और जैविक बदलाव को ट्रिगर करती है जो हमें दिनभर सक्रिय रखते हैं और रात में अच्छी नींद लाने में मदद करते हैं। आधुनिक जीवनशैली में ज्यादातर लोग इंडोर रहते हैं, ऐसे में बहुत से लोग सूरज की रोशनी नहीं ले पाते हैं, जिसके कारण न केवल विटामिन-डी की कमी, बल्कि अवसाद और नींद संबंधी विकार भी बढ़ने लगते हैं।

सकारात्मक बदलाव को न करे नज़रअंदाज़
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल 15 से 20 मिनट की सुबह की धूप हमारी बायोलॉजिकल क्लॉक को रीसेट कर सकती है, तनाव को कम कर सकती है और हमारे मूड को बेहतर बना सकती है। इन सभी सकारात्मक बदलावों को नजरअंदाज करना अपनी सेहत के साथ समझौता करने जैसा है। इसलिए आइए जानते हैं विटामिन-डी के अलावा सुबह की धूप से होने वाले चार बड़े और महत्वपूर्ण फायदों के बारे में।

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सर्कैडियन रिदम को करे रीसेट
सुबह की धूप हमारी सर्कैडियन रिदम यानी शरीर की आंतरिक घड़ी को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आंखों के माध्यम से धूप हमारे दिमाग को संकेत देती है कि ‘यह सुबह है’। यह संकेत रात में बनने वाले नींद के हार्मोन मेलाटोनिन के उत्पादन को रोकता है और हमें तुरंत तरोताजा महसूस कराता है।

मूड और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार
धूप का सीधा संबंध हमारे मूड को बेहतर बनाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन के उत्पादन से है। सूरज की रोशनी के संपर्क में आने से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है, जिससे हमें खुशी, शांति और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। यही कारण है कि धूप में रहने से अवसाद और चिंता के लक्षण कम होते हैं।

बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता
धूप, विटामिन-डी के उत्पादन के माध्यम से प्रतिरक्षा प्रणाली को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत करती है। विटामिन-डी, इम्यून कोशिकाओं के सही कार्य करने के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो शरीर को संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं। पर्याप्त धूप लेने से वायरल संक्रमणों का खतरा कम हो जाता है।

सुबह की धूप से निकलने वाले यूवी-बी किरणें शरीर में कुछ ऐसे तत्वों के उत्पादन को प्रेरित करती हैं जो सूजन-रोधी होते हैं। यह प्रभाव गठिया या मांसपेशियों के दर्द से पीड़ित लोगों को राहत पहुंचा सकता है। धूप सीधे रक्त संचार को भी बेहतर बनाती है, जिससे दर्द वाले क्षेत्रों में आराम मिलता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

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