नई दिल्ली :- देश में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One Nation, One Election) को लेकर चर्चाएं एक बार फिर चरम पर हैं। हाल ही में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस चुनावी सुधार को लेकर केंद्र सरकार के कड़े रुख और संकल्प को स्पष्ट किया।
यह भी पढ़ें… सीमाएं सुरक्षित तो भारत सुरक्षित: राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोले गृह मंत्री अमित शाह – unique 24 news

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव देश के विकास की गति में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं। उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में किसी न किसी राज्य में चुनाव होने के कारण प्रशासनिक मशीनरी, सुरक्षा बल और शिक्षक निरंतर चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहते हैं। इससे न केवल सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है, बल्कि नीतिगत फैसलों, विकास कार्यों और शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का संकल्प किसी राजनीतिक दल विशेष के फायदे के लिए नहीं, बल्कि सर्वोपरि राष्ट्रहित में है। वहीँ सरकारी मशीनरी को बार-बार चुनावी मोड में जाने के बजाय सीधे जनता की सेवा और विकास योजनाओं को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही लगातार लागू होने वाली आचार संहिता के कारण रुके हुए जनहित के कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।
हरिद्वार के मंच से शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित संत समाज और धार्मिक गुरुओं से अपील की कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से आम जनता को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लाभों से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि संत समाज के प्रभाव से इसे एक देशव्यापी जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है, जिससे संवैधानिक संशोधनों के लिए व्यापक जन-समर्थन का मार्ग प्रशस्त होगा।
देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए
हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….


