रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंडी गेट के पास प्रस्तावित करीब 30 करोड़ रुपये की लागत वाला अंडरब्रिज लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। रेलवे की ओर से ड्राइंग को मंजूरी नहीं मिलने और मंडी प्रबंधन द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस अंडरब्रिज के निर्माण में हो रही देरी का खामियाजा रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रेलवे फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है
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2021-22 के बजट में शामिल हुई थी परियोजना
मंडी गेट के पास अंडरब्रिज निर्माण की योजना पहली बार वर्ष 2021-22 के बजट में शामिल की गई थी। हालांकि, आवश्यक मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में इसे निरस्त कर दिया गया। क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात और स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में दोबारा शामिल कराया।इसके बाद विभाग की ओर से अंडरब्रिज की ड्राइंग तैयार कर रेलवे को स्वीकृति के लिए भेजी गई, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

रेलवे की मंजूरी और जमीन बनी बड़ी बाधा
अंडरब्रिज निर्माण में फिलहाल दो प्रमुख बाधाएं सामने आ रही हैं। पहली बाधा रेलवे से ड्राइंग की स्वीकृति नहीं मिलना है, जबकि दूसरी समस्या मंडी प्रबंधन की ओर से आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराया जाना है।
इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही परियोजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा। ऐसे में करीब 30 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण योजना फिलहाल प्रशासनिक मंजूरी और जमीन की उपलब्धता के इंतजार में अटकी हुई है।

रोजाना 150 से 170 ट्रेनों की आवाजाही से लगता है जाम
मंडी गेट रेलवे फाटक पर यातायात का दबाव काफी अधिक रहता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस रेलमार्ग से प्रतिदिन करीब 150 से 170 मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। ट्रेनों के आवागमन के दौरान बार-बार फाटक बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार फाटक खुलने के बाद भी यातायात सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों और अन्य राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है। व्यस्त समय में जाम की समस्या और अधिक बढ़ जाती है।

आठ से अधिक इलाकों के लोगों को मिलेगी राहत
मंडी गेट के पास प्रस्तावित अंडरब्रिज का निर्माण पूरा होने से देवेंद्र नगर, पंडरी, शिवानंद नगर, गुढ़ियारी सहित आसपास के आठ से अधिक इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अंडरब्रिज बनने के बाद लोगों को रेलवे फाटक बंद होने के कारण लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और आवागमन में लगने वाला समय कम होने की संभावना है।
कब मिलेगी लोगों को जाम से मुक्ति?
राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित यह अंडरब्रिज स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। हालांकि, बजट में दोबारा शामिल होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं होने से लोगों का इंतजार लगातार बढ़ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रेलवे से ड्राइंग को मंजूरी कब मिलेगी और मंडी प्रबंधन आवश्यक जमीन कब उपलब्ध कराएगा। जब तक ये दोनों बाधाएं दूर नहीं होतीं, तब तक मंडी गेट रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद अधूरी ही रहेगी।
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