रायपुर। Yoga Education: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम के संचालन से जुड़े न्यूनतम मानकों के लिए विनियम जारी करने की पहल की है। इन विनियमों में महाविद्यालयों की अधोसंरचना, संलग्न शिक्षण चिकित्सालयों और शिक्षा के न्यूनतम मानकों से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसका उद्देश्य राज्य में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम के संचालन के लिए आवश्यक मानकों से संबंधित व्यवस्था निर्धारित करना है।
Read also:- कौन हैं अजिंक्य शिंदे? CJP की कमान संभालने वाले नेता की पूरी कहानी
उपलब्ध सरकारी आदेश के अंश के अनुसार, विनियमों में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालयों की अधोसंरचना, महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षण चिकित्सालयों तथा शिक्षा के न्यूनतम मानकों को शामिल किया गया है। इन विषयों पर निर्धारित प्रावधान संबंधित पाठ्यक्रम के संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का आधार बनेंगे। हालांकि, इन मानकों के अंतर्गत कौन-कौन सी सुविधाएं अनिवार्य होंगी, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए विनियमों का पूरा पाठ देखना जरूरी है।
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान स्नातक पाठ्यक्रम (#JantaKiAawaz) उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। महाविद्यालयों और शिक्षण चिकित्सालयों से जुड़े मानकों का निर्धारण इस पाठ्यक्रम के संचालन की नियामक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
देश दुनिया की ताजातरीन खबरों के लिए
हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें….


