CM साय ने 36 युवा फेलो से किया संवाद, AI मिशन पर जोर

CM साय ने 36 युवा फेलो से किया संवाद, AI मिशन पर जोर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवा प्रतिभागियों से संवाद किया। रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने युवाओं को अपने ज्ञान और नवीन विचारों के माध्यम से जनसेवा तथा प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवा फेलो से कहा कि वे अपनी क्षमताओं को लगातार निखारें और शासन-प्रशासन के साथ काम करते हुए जनहित से जुड़े विषयों के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करें।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिलों में काम करते समय स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझना जरूरी है। आंकड़ों, प्रमाणों और मैदानी अनुभव के आधार पर दिए गए सुझाव सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद कर सकते हैं।

AI मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक के महत्व पर जोर देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में AI मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा देने और लगभग 1,500 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रही है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के युवाओं को केवल तकनीकी बदलावों में सहभागी ही नहीं, बल्कि भविष्य में नेतृत्व करने के लिए भी तैयार करना जरूरी है।

रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल भी जरूरी है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए जिलों में लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें आधुनिक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को प्रदेश में ही उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप अवसर मिलें तथा वे नौकरी पाने के साथ रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।

निवेश से रोजगार के नए अवसर पैदा करने की तैयारी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार और उद्यमिता को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का उद्देश्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में बदलना है।

उन्होंने सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, ऐसी परियोजनाओं से स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

संघर्ष के दिनों को याद कर युवाओं को दिया संदेश

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन और संघर्ष के दिनों के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गई थीं। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण उन्हें खेती-बाड़ी के कामों के साथ मां, दादी और छोटे भाइयों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों ने उन्हें कम उम्र में ही परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिनाइयों का सामना करना सिखाया। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे अपने प्रत्येक दायित्व को निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं तथा जनकल्याण को अपने कार्यों के केंद्र में रखें।

दो साल की फेलोशिप में सीखेंगे प्रशासन की कार्यप्रणाली

सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव और मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने बताया कि मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच में विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र के प्रतिभागी शामिल हैं।

दो वर्षीय फेलोशिप कार्यक्रम में पांच महीने का अध्ययन एवं प्रशिक्षण और 19 महीने का मैदानी अनुभव शामिल है। शुरुआती तीन महीने प्रतिभागियों को आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे जिला प्रशासन के साथ काम करके सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की कार्यप्रणाली को समझेंगे।

इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा फेलो योजनाओं की निगरानी, नीतिगत विश्लेषण, विभागीय समन्वय और जनसेवाओं में सुधार से जुड़े कार्यों में सहयोग करेंगे।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव का उपयोग जनसेवा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में करने के लिए प्रेरित किया।

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