बेंगलुरु :- crypto करेंसी के कारोबार में विदेशी लेन-देन और वित्तीय नियमों के उल्लंघन की आशंका के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दो बड़े ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कार्रवाई की है। एजेंसी ने 4 और 5 नवंबर को CoinDCX और डेल्टा एक्सचेंज से जुड़े बेंगलुरु के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान बिना आवश्यक अनुमति अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो लेन-देन और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के संभावित उल्लंघन से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।
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जांच का मुख्य केंद्र विदेशी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स पर कथित तौर पर बिना नियामकीय मंजूरी डेरिवेटिव ट्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध कराना और डिजिटल माध्यम से बड़ी रकम विदेश भेजना है। आरोप है कि भारतीय ग्राहकों को विदेशी वेबसाइटों पर इस तरह के कारोबार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था। डेरिवेटिव ट्रेडिंग में निवेशक किसी संपत्ति का वास्तविक स्वामित्व लेने के बजाय उसकी भावी कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव पर सौदे करते हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, कथित विदेशी लेन-देन में USDT नामक स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल किया गया। यह डिजिटल करेंसी अमेरिकी डॉलर के मूल्य से जुड़ी होती है और ब्लॉकचेन नेटवर्क के माध्यम से एक देश से दूसरे देश में भेजी जा सकती है। आरोप है कि इस माध्यम से पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था और विदेशी मुद्रा लेन-देन की निगरानी से बचने का प्रयास किया गया।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, CoinDCX पर कारोबारी खर्च और ट्रांजैक्शन फीस के नाम पर USDT के माध्यम से Binance, KuCoin और Bybit जैसे विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों को बड़ी रकम भेजने का आरोप है। वहीं, डेल्टा एक्सचेंज पर ग्राहकों के कारोबार का एक हिस्सा CoinDCX के माध्यम से संचालित करने और विदेशी साझेदार कंपनियों को रकम हस्तांतरित करने की आशंका जताई गई है।
ED की जांच में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के अलावा प्रतिभूति बाजार और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े नियामकीय प्रावधानों की भी पड़ताल की जा रही है। इसमें सेबी अधिनियम 1992, प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम 1956 और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के प्रावधानों के संभावित उल्लंघन के पहलुओं को भी शामिल किया गया है।
FEMA के तहत देश से बाहर विदेशी मुद्रा भेजने, सीमा पार भुगतान और विदेशी निवेश से संबंधित लेन-देन निर्धारित नियमों के अनुसार किए जाने जरूरी हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित कंपनियों ने विदेशी प्लेटफॉर्म्स के साथ कारोबार के दौरान इन नियमों का पालन किया या नहीं।
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