ABVP के विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन में शालिनी वर्मा का विवादित बयान, तीन लोगों को बताया आतंकवादी

ABVP के विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन में शालिनी वर्मा का विवादित बयान, तीन लोगों को बताया आतंकवादी

रायपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), रायपुर महानगर द्वारा ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ आह्वान के अंतर्गत सप्रे मैदान से जनसंपर्क कार्यालय तक विद्यार्थी हुंकार प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन में अभाविप की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री एवं केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य कु. शालिनी वर्मा तथा छत्तीसगढ़ प्रांत मंत्री श्री अनंत सोनी सहित 3000 से अधिक संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रदर्शन में विद्यार्थियों ने सहभागिता कर लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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विद्यार्थियों ने रैली निकालकर ‘अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ’ का संदेश दिया। रैली के माध्यम से आह्वान किया गया कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान, कानून और जनता के मताधिकार पर आधारित है। लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को दबाव में लाने तथा अराजकता के माध्यम से राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति करने के प्रयास स्वीकार्य नहीं हैं। निर्वाचन प्रक्रिया अथवा किसी भी संवैधानिक व्यवस्था से संबंधित शिकायतों का समाधान संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।

छत्तीसगढ़ की वीरभूमि से हम स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि लोकतंत्र में विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता, भ्रामक प्रचार और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाना स्वीकार्य नहीं है। NEET, SIR और संविधान जैसे गंभीर मुद्दों की आड़ में यदि देशविरोधी विचारों का महिमामंडन किया जाएगा, तो देश का युवा इसका वैचारिक जवाब देगा। संविधान बचाने का नारा लगाने वालों से कहना चाहती हूँ कि पहले संविधान को पढ़िए और उसकी मर्यादा का पालन कीजिए। छत्तीसगढ़ की धरती से नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई के साथ अब वैचारिक अराजकता का भी लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने का संकल्प लेते हैं। हम राष्ट्र निर्माण की विचारधारा के साथ खड़े हैं और हमारा स्पष्ट संदेश है। विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन राष्ट्रहित, लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।

अभाविप के प्रदेश मंत्री अनंत सोनी ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का सपना देखने वालों को देश की युवा शक्ति मुँहतोड़ जवाब देगी। तिरंगे को हाथ में लेकर राष्ट्रहित का दिखावा करने से कोई राष्ट्रभक्त नहीं बन जाता , राष्ट्र के प्रति निष्ठा विचारों और आचरण से सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की स्वतंत्रता का अर्थ देश में अराजकता फैलाने की छूट नहीं है। यदि कोई संगठन या व्यक्ति राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का समर्थन करता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। राष्ट्रीय प्रतीकों का राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने वालों को यह समझना होगा कि भारत की जनता अपने राष्ट्र, संविधान और तिरंगे के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी। अनंत सोनी ने स्पष्ट कहा कि भारत को अस्थिर करने और युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश करने वाली ताकतें अपने मंसूबों में कभी सफल नहीं होंगी। देश का युवा जागरूक है, राष्ट्र के प्रति समर्पित है और भारत की एकता एवं अखंडता पर किसी भी प्रकार के प्रहार का लोकतांत्रिक तथा संवैधानिक तरीके से कड़ा प्रतिकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अभाविप का मानना है कि भारत का लोकतंत्र जनता के विश्वास, मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर आधारित है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक एवं वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका समाधान संवैधानिक मर्यादाओं के अंतर्गत ही होना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। रैली के समापन के दौरान खुले मंच पर केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य कु. शालिनी वर्मा, छत्तीसगढ़ प्रांत मंत्री श्री अनंत सोनी, प्रदेश सह मंत्री हेमांशु कौशिक, प्रदेश सह मंत्री प्रथम फूटाने, रायपुर महानगर मंत्री सजल गुप्ता, रायपुर महानगर छात्रा प्रमुख हर्षित कौर उपस्थित रहे।

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