रायपुर :- छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में होने वाले राज्य निर्वाचन आयुक्तगणों के सम्मेलन के क्रम में 32वां सम्मेलन इस वर्ष 16-17 सितम्बर को छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में हो रहा है। इस सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा किया जा रहा है।
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सम्मेलन का शुभारंभ आज माननीय राज्यपाल द्वारा किया गया। सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर मेजबान छत्तीसगढ़ के निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्तगण की स्थाई समिति के अध्यक्ष विजय देव एवं संयोजक सुधांशु पांडे तथा प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकासशील उपस्थित रहे। शुभारंभ सहारोह के इस विशेष अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ स्थानीय निकाय निर्वाचन वार्षिकी 2026 Year Book के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया।
उद्घाटन उपरांत आज सम्मेलन में देशभर से विभिन्न राज्यों के पधारे राज्य निर्वाचन आयुक्तगण ने स्थानीय लोकतंत्र विशेषकर त्रिस्तरीय पंचायतों व नगरीय निकायों को और अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी, विश्वसनीय एवं सहभागी बनाने हेतु निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया एवं कॉन्फ्रेंस में अलग-अलग राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तगण और विषय-विशेषज्ञों के द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया ।
सम्मेलन के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्तगण द्वारा स्थानीय निकाय निर्वाचन के संचालन में सामने आने वाली चुनौतियों, अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा “राज्य गठन उपरांत नक्सल प्रभावित बस्तर में पिछले 25 वर्षों में स्थानीय लोकतंत्र की प्रगति” विषय पर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह के निर्देशन में तैयार प्रस्तुति आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी द्वारा प्रस्तुत की गई।
बस्तर में स्थानीय लोकतंत्र की यात्रा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। भौगोलिक दुर्गमता, विस्तृत वन क्षेत्र, सीमित संचार सुविधाओं तथा लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित बस्तर संभाग की परिस्थितियों के बीच स्थानीय निर्वाचन कराना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं लोकतांत्रिक चुनौती रहा है।
छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकायों के निर्वाचन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया गया कि प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल, निर्वाचन कर्मियों तथा स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निरंतर सुदृढ़ किया गया है। वर्ष 2025 में नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन एक साथ राज्यभर में, बस्तर संभाग सहित, शांतिपूर्वक एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा पुनर्मतदान की आवश्यकता न पड़ने का उल्लेख किया गया।
सम्मेलन में लोकतांत्रिक निर्वाचन विषय से जुड़े प्रिंसटन यूनिवर्सिटी न्यू जर्सी अमेरिका के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विषय विशेषज्ञ ने भी हिस्सा लिया और उन्होंने भारत के राज्यों में होने वाले स्थानीय निर्वाचनों का तुलनात्मक एवं समेकित अध्ययन का सार प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रस्तुत किया।
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, हैदराबाद एवं भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, बेंगलूरु के ईलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के विषय विशेषज्ञ ने भी सम्मेलन में अपने संस्थानों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि निर्वाचन में उपयोग होने वाली इलेक्ट्रानिक वोति वोटिंग मशीन हर प्रकार से सुरक्षित है और इसमें लगातार नवाचार करते हुए राज्य निर्वाचन आयोगों के अनुकूल इसका विकास एवं उत्पादन किया जा रहा है।
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