बिलासपुर एयरपोर्ट में एक माह से खड़े विमान को ठीक होने में दो महीने और लगेंगे

बिलासपुर एयरपोर्ट में एक माह से खड़े विमान को ठीक होने में दो महीने और लगेंगे

बिलासपुर.  बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट पर 28 अगस्त को लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए एटीआर विमान की मरम्मत में अभी दो महीने और लग सकते हैं. दिल्ली से 15 इंजीनियरों की अंतिम टीम के निरीक्षण के बाद ही यह एटीआर बिलासपुर से रवाना हो सकेगा.

दिल्ली से बिलासपुर आने वाली एलायंस एयर की फ्लाइट 28 अगस्त को लैंडिंग के वक्त दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. लैंडिंग के दौरान विमान का एक पहिया पूरी तरह फट गया था, जबकि दो अन्य पहियों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा था. दुर्घटना के बाद से ही विमान एयरपोर्ट पर खड़ा है. एलायंस एयर से आई इंजीनियरों की टीम पहिए बदलने के साथ इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि कहीं कोई अन्य तकनीकी गड़बड़ी तो नहीं हुई है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस दुर्घटना में विमान के लैंडिंग गियर को भी नुकसान पहुंचा है.

हालांकि, यह नुकसान किस स्तर का है और इसे ठीक करने में कितना समय लगेगा, इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। बताया जा रहा है कि नवंबर में दिल्ली से 15 इंजीनियरों की एक विशेष टीम आएगी, जो मरम्मत के बाद विमान की फाइनल जांच करेगी। जांच में खरा उतरने के बाद ही यह टीम विमान को अपने साथ ले जा सकेगी।

बार-बार रिपेयरिंग से नई उड़ानें शुरू करने में आ रही बाधा

 बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट पर 28 अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त हुए एटीआर के अलावा एलायंस एयर के तीन अन्य विमान भी मरम्मत के लिए भेजे गए हैं. यह स्थिति पिछले काफी समय से बनी हुई है, जिसके चलते हैदराबाद का स्लॉट मिलने के बावजूद कंपनी नई उड़ानें शुरू नहीं कर पा रही है.

दुर्घटना के कारणों की जानकारी नहीं

इस संबंध में डायरेक्टर, बिलासा देवी केवट चकरभाठा एयरपोर्ट बीरेन सिंह ने बताया कि हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि दुर्घटना किस वजह से हुई थी। डीजीसीए से अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है.

दुर्घटना के कारणों का अब तक खुलासा नहीं

डीजीसीए के अधिकारी दुर्घटना के तुरंत बाद बिलासपुर एयरपोर्ट पहुंचे थे और उन्होंने हर पहलू से गहन जांच कर रिपोर्ट तैयार की थी. हालांकि, यह दुर्घटना किस वजह से हुई, इसका खुलासा एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अब तक नहीं किया है. दुर्घटना के बाद सामने आई तस्वीरों और रनवे पर बने निशानों से साफ था कि इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद विमान करीब 100 मीटर तक रनवे पर घिसटता चला गया था.

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