रायपुर। रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा ने BTI ग्राउंड, शंकर नगर में व्यावसायिक या आवासीय परिसर बनाए जाने की अटकलों पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि BTI ग्राउंड में ऐसा कोई परिसर नहीं बनेगा। यदि परिसर का निर्माण होगा, तो ग्राउंड से लगे सरकारी कर्मचारियों के जर्जर मकानों की जगह पर होगा। विधायक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजधानी के विकास कार्यों, मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा और उत्कल समाज से जुड़े सवालों पर भी अपनी बात रखी।
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पुरंदर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि BTI ग्राउंड, शंकर नगर में कोई व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिसर का निर्माण होने की स्थिति में वह ग्राउंड से लगे सरकारी कर्मचारियों के जर्जर मकानों वाली जगह पर होगा। उनके इस बयान से BTI ग्राउंड को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।
विधायक ने राजधानी में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए नवनिर्मित कचना ओवरब्रिज को उपलब्धियों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आगे पंडरी रोड पर खालसा स्कूल के पास भी ओवरब्रिज बनाया जाएगा। उनके मुताबिक, राजधानी में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई काम किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और दोबारा मंत्री पद की दौड़ में शामिल होने के सवाल पर विधायक ने कहा कि प्रदेश में उत्कल समाज के लोगों की संख्या 35 लाख है। उन्होंने कहा, यही सत्य है, बाकी सब नगण्य है। उत्कल गाड़ा समाज की एक लॉबी द्वारा उनके खिलाफ काम करने के सवाल पर पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वे उनके भाई हैं। उन्होंने आपसी मतभेदों को सामान्य बताते हुए कहा कि मतभेद पति-पत्नी के बीच भी होते हैं और एक-दूसरे का विरोध करने से ही आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
विधायक ने राजधानी रायपुर में आयोजित नुआखाई भेंटघाट, सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति को प्रदेशवासियों के लिए गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और युवा सशक्तिकरण को एक साझा मंच पर लाने का माध्यम बना। उन्होंने नुआखाई को कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्नदाता किसानों के सम्मान और पारिवारिक एकता का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ना इस आयोजन की मूल भावना है।
पुरंदर मिश्रा ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, नई तकनीक के उपयोग, नवाचार और आत्मनिर्भरता के माध्यम से देश को आगे बढ़ाना भी इसका हिस्सा है। विधायक ने संस्कृति के संरक्षण, सेवा के विस्तार और युवा शक्ति के सशक्तिकरण को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
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