CM मोहन यादव ने राहुल गांधी के दोहरे चरित्र पर उठाए सवाल

CM मोहन यादव ने राहुल गांधी के दोहरे चरित्र पर उठाए सवाल

भोपाल :- CM मोहन यादव ने भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के हमलों पर तीखा पलटवार किया है। रविवार को राजधानी भोपाल में  CM मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राहुल गांधी की कार्यशैली और आरोपों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। दोनों नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब निर्वाचन आयोग संयुक्त वक्तव्य जारी कर पूरी स्थिति साफ कर चुका है, तब भी कांग्रेस केवल जनता का ध्यान भटकाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की साख पर हमला कर रही है।

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प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के दावों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी आदतन निराधार आरोप लगाते हैं। खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी कभी देश की सेना के पराक्रम पर सवाल उठाते हैं तो कभी विदेशी मंचों पर जाकर भारत के लोकतंत्र को कठघरे में खड़ा करते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि कांग्रेस के पास अपने आरोपों के पक्ष में कोई एक भी पुख्ता प्रमाण है तो उसे जनता के सामने रखें, केवल बयानबाजी से संस्थाओं की विश्वसनीयता खत्म करने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हार रही कांग्रेस को दूसरों पर आरोप मढ़ने के बजाय अपनी कमजोरियों का विश्लेषण करना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे जीवंत और बड़ा लोकतंत्र है, जहां हर संवैधानिक संस्था की अपनी मर्यादा और सम्मान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी बड़े परिवार में पैदा होने मात्र से किसी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं मिल जाता कि वह देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों का अपमान करे या उन्हें अपशब्द कहे। उन्होंने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसकी शीर्ष नेता इंदिरा गांधी को कभी अदालत ने चुनाव में अयोग्य ठहरा दिया था।

फॉर्म 6 और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को सीएम ने सिरे से खारिज कर दिया। डॉ. यादव ने सवाल उठाया कि जब केरल में कांग्रेस गठबंधन को चुनावी कामयाबी मिलती है तो वहां निर्वाचन प्रणाली सही मानी जाती है, लेकिन जहां-जहां जनता उन्हें नकार देती है, वहां तुरंत ईवीएम को ‘ब्लैक बॉक्स’ बताकर संवैधानिक संस्थाओं को दोषी ठहरा दिया जाता है। सीएम ने कहा कि कांग्रेस पिछले 50 वर्षों से तमिलनाडु में सत्ता से बाहर है, बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में दशकों से हाशिए पर है; क्या वहां भी चुनाव आयोग ही जिम्मेदार था? असलियत यह है कि कांग्रेस अपना संगठनात्मक कुनबा नहीं संभाल पा रही है और अपनी विफलता का ठीकरा निष्पक्ष संस्थाओं पर फोड़ रही है।

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