बिलासपुर IG रामगोपाल गर्ग को राष्ट्रपति पदक

बिलासपुर IG रामगोपाल गर्ग को राष्ट्रपति पदक

रायपुर :- छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए एक गौरव का क्षण सामने आया है। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं और बेहतर पुलिसिंग के लिए बिलासपुर रेंज के आईजी (IG) रामगोपाल गर्ग को **राष्ट्रपति पदक** से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा।

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18 वर्षों का शानदार पुलिस करियर

करीब 18 साल की पुलिस सेवा में रामगोपाल गर्ग ने पुलिस महकमे में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें मुख्य रूप से उनकी सख्त पुलिसिंग, कर्तव्यपरायणता, ईमानदार छवि और बेहतरीन कार्यप्रणाली के लिए जाना जाता है।

प्रमुख पदस्थापनाएं और अनुभव

* **2007 बैच के IPS अधिकारी:** रामगोपाल गर्ग ने गरियाबंद, कोरिया, बालोद और दुर्ग जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं।
* **आईजी और डीआईजी के पद पर सेवाएं:** वे सरगुजा और दुर्ग में IG के पद पर रह चुके हैं, साथ ही उन्होंने रायगढ़ में DIG के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है।
* **CBI में अनुभव:** राज्य पुलिस के अलावा, उन्होंने करीब 7 वर्षों तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में भी अपनी सेवाएं दी हैं।

पुलिसिंग में तकनीक को दिया बढ़ावा

आईजी रामगोपाल गर्ग की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में रही है जिन्होंने पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से **ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर और सुगम बनाने के लिए एक ऐप तैयार करने** की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया, जिससे आम जनता को काफी राहत मिली। आईजी रामगोपाल गर्ग (IPS) ने छत्तीसगढ़ में पारंपरिक पुलिसिंग को बदलकर तकनीकी आधारित एडवांस साइबर विंग में अपग्रेड करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड (थापर इंस्टीट्यूट) से होने के कारण उन्होंने साइबर अपराधों को रोकने के लिए कई अनूठे अभियान और डिजिटल ऐप्स शुरू किए हैं।

प्रमुख साइबर क्राइम अभियानों और डिजिटल सुधारों के लिये किया काम 

1. ‘साइबर प्रहरी’ अभियान (Cyber Prahari Campaign)मकसद: आम नागरिकों को डिजिटल ठगी के नए तरीकों के प्रति सचेत करना।
रणनीति: इस जन-जागरूकता अभियान के तहत रोजाना सोशल मीडिया और कम्युनिटी ग्रुप्स पर साइबर अपराधियों के नए पैटर्न (जैसे फेक ट्रेडिंग, निवेश फ्रॉड) की केस स्टडी साझा की जाती हैं।
असर: यह अभियान लोगों को संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करने और डिजिटल रूप से सुरक्षित रहने के लिए सीधे पुलिस से जोड़ता है।

2. गूगल के खिलाफ ऐतिहासिक कड़ा रुख (Fake Customer Care Numbers)बड़ी कार्रवाई: आईजी रामगोपाल गर्ग ने गूगल (Google) के नोडल अधिकारी को आईटी एक्ट के तहत आधिकारिक पत्र लिखकर कड़ा एक्शन लिया।
मुद्दा: ठगों द्वारा गूगल सर्च इंजन और विज्ञापनों (Google Ads) का दुरुपयोग कर बैंकों, गैस एजेंसियों और बीमा कंपनियों के नकली कस्टमर केयर नंबर सबसे ऊपर रैंक करा दिए जाते थे।’
समाधान: उन्होंने गूगल को इन सर्च परिणामों को तुरंत ब्लॉक करने और अपनी विज्ञापन पॉलिसी में सुधार करने के लिए बाध्य किया ताकि मासूम लोग ठगी का शिकार न हों।

3. ‘सशक्त’ और ‘अनुभव’ ऐप (Sashakt & Anubhav Apps)सशक्त ऐप (Sashakt App): आईजी गर्ग की पहल पर विकसित यह ऐप चोरी या गुम हुए वाहनों और मोबाइल की मिनटों में पहचान करता है। बिलासपुर और दुर्ग रेंज में इसके माध्यम से साइबर फ्रॉड पीड़ितों के पैसे होल्ड कराने और वापस दिलाने में रिकॉर्ड सफलता मिली है।अनुभव ऐप (Anubhav App): इस ऐप के जरिए पुलिसिंग फीडबैक और अपराधियों के डिजिटल डेटाबेस को मजबूत किया गया, जिससे साइबर सेल को त्वरित जांच में मदद मिलती है।

4. बिलासपुर रेंज में पूर्ण डिजिटल सुधार (E-Summons & Nyay Shruti)अगस्त 2026 में रेंज स्तर की समीक्षा बैठक में उन्होंने साइबर और डिजिटल पुलिसिंग को नए मुकाम पर पहुंचाया है:
व्हाट्सएप ई-समन (WhatsApp E-Summons): अब कानूनी समन और वारंट सीधे व्हाट्सएप पर भेजे जा रहे हैं, जहां प्राप्तकर्ता का ‘ओके’ (OK) स्क्रीनशॉट ही कानूनी रूप से तामीली मान लिया जाता है।
न्याय श्रुति प्रोजेक्ट (Nyay Shruti Project): गवाहों को कोर्ट के चक्कर काटने से बचाने के लिए थानों में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) सेटअप तैयार कराया गया है, जिससे थानों से ही सीधी गवाही हो सके।
गूगल शीट्स ट्रैकिंग: सभी थानों में कागजी पत्राचार खत्म कर वारंट और लंबित साइबर अपराधों की ट्रैकिंग रीयल-टाइम गूगल शीट्स के माध्यम से की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त किया प्रशिक्षण

उनके उत्कृष्ट कार्यों, अनुभव और तकनीक के प्रति उनके रुझान को देखते हुए, केंद्र सरकार द्वारा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भेजा गया था। उन्होंने **इंडोनेशिया, सिंगापुर और मलेशिया** जैसे देशों में पुलिसिंग और सुरक्षा से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

पुलिस महकमे में खुशी की लहर
राष्ट्रीय स्तर पर उनकी इन सराहनीय सेवाओं को मिलने वाले इस सम्मान से पूरे पुलिस महकमे में उत्साह और खुशी का माहौल है। राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होना न केवल आईजी रामगोपाल गर्ग के लिए बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ पुलिस बल के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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